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मुंबई फुट ओवर ब्रिज हादसे में बीजेपी सांसद ने अपना पल्ला झाड़ते हुए सारा इल्जाम इंजीनियर पर मढ़ा

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(Image Credits: Mid-day)

मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन के पास हुए फुट ओवर ब्रिज हादसे में 6 लोगों को अपनी जान से हाथ गवाना पड़ा है. इस घटना में करीब 32 से अधिक लोगो के घायल होने की खबर आ रही है, जिन्हें पुलिस ने इलाज के लिए सेंट जॉर्ज और जीटी अस्पताल में भर्ती कराया है।

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महाराष्ट्र सरकार ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं. मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आईपीसी धारा 304 ए यानी लापरवाही से जान जाने के तहत मध्य रेलवे और बीएमसी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

हर बार की तरह ही इस बार भी पुल हादसे को लेकर सियासत तेज़ हो गई है पार्टियों के नेताओ ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए है। आपको बता दे की मध्य रेलवे और बीएमसी की लापरवाही के कारन ही यह हादसा हुआ है वही इस पुरे मामले पर कांग्रेस ने घटना पर बृहस्पतिवार को दुख जताया और कहा कि बार बार हो रहे इस तरह के हादसों की जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल को इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त किया जाये। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि मुंबई ब्रिज हादसे के बारे में सुनकर दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।

उन्होंने कहा, ”आशा करता हूं कि प्रशासन त्वरित कदम उठाएगा और घायलों को तत्काल चिकित्सा मदद मुहैया कराएगा।” उन्होंने हाल के कुछ वर्षो में फुटओवर पुलों के ढहने की घटनाओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया, ”बार बार हो रहे इस तरह के हादसों के लिए मोदी सरकार और महाराष्ट्र सरकार जिम्मेदार है।” सुरजेवाला ने कहा, ” ऑडिट से जुड़े रेल मंत्री के बड़े बड़े दावे बार बार गलत साबित हुए हैं। पीयूष गोयल को इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त किया जाए।”

ब्रिज गिरने की सूचना मिलने के बाद शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत घटनास्थल पर पहुंचे. इस दौरान मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह ब्रिज रेलवे का है. हालांकि इसको बीएमसी मेंटेन करता है. यहां यह मायने नहीं रहता है कि ब्रिज किसका है. बीएमसी ने एक ऑडिट किया है. इसमें मामूली डिफेक्ट था, जिसके मरम्मत करने का प्रस्ताव था. हालांकि मैं अथॉरिटी नहीं हूं.’ एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


बीजेपी सांसद राज पुरोहित ने कहा कि CSMT रेलवे स्टेशन के पास बने फुटओवर ब्रिज का कुछ हिस्सा गिर गया है. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. इस ब्रिज को सर्टिफिकेट जारी करने वाले इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. उसको गिरफ्तार किया जाना चाहिए और सजा दी जानी चाहिए. बीजेपी सांसद ने अपना पल्ला झड़ते हुए सारा इल्जाम इंजीनियर पर मढ़ दिया।

वही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुंबई ब्रिज हादसे के शिकार लोगों के प्रति संवेदना जताई है. साथ ही पीएम मोदी और बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट किया कि मुंबई में पुल गिरने से हताहत हुए लोगों के प्रति गहरी संवेदना. मुंबई में पुल गिरने की बड़ी दुर्घटनाएं लगातार हो रहीं हैं. ये बुलेट ट्रेन वाली सरकार की नाकामी है, वो पुलों के सेफ़्टी ऑडिट को गंभीरता से नहीं ले रही है. शायद भाजपा के लिए आम जनता की ज़िंदगी का कोई मोल नहीं है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हादसे को मोदी सरकार की लापरवाही बताई है जहा मोदी सरकार इस देश में बुलेट ट्रैन रही है वही दूसरी ओर रेलवे की लापरवाही के कारन कई लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

AIMIM के विधायक वारिस पठान ने इस दर्दनाक घटना के लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. पठान ने कहा कि सरकार कई महीनों से नजरअंदाज कर रही है. यह हादसा लापरवाही के चलते हुआ है. इस ब्रिज की मरम्मत कराने के लिए कई बार अपील की गई, लेकिन हमारी अपील को नजरअंदाज किया गया. वहीं, इस दर्दनाक घटना के फौरन बाद रेल मंत्रालय ने अपनी जिम्मेदारी से फौरन पल्ला झाड़ लिया. रेल मंत्रालय ने कहा कि यह ब्रिज बीएमसी का था. हालांकि हम पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं. रेलवे के डॉक्टर और कर्मचारी राहत और बचाव अभियान में बीएमसी के साथ सहयोग कर रहे हैं।

बता दें कि घायलों को सेंट जॉर्ज और जीटी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. पुलिस ने बताया कि यह पुल भीड़-भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन को आजाद मैदान पुलिस थाना से जोड़ता था. मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे हादसे की जगह पर न जाएं. मुंबई पुलिस ने ट्वीट किया, ‘सीएसटी के प्लेटफॉर्म संख्या एक के ऊत्तरी छोर को टाइम्स ऑफ इंडिया इमारत के पास बीटी लेन से जोड़ने वाला पैदल पार पुल ढह गया है.’

ट्रैफिक की लाल बत्ती न केवल दुर्घटना रोकती है बल्कि चालकों की जान की किस प्रकार रक्षा कर सकती है, इस बात का अंदाजा तब लगा जब यहां गुरुवार शाम फुट ओवर ब्रिज के एक हिस्से के ढहने के दौरान ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती पर रुके कई कार एवं अन्य वाहन चालक किसी बड़े हादसे के शिकार होने से बच गए।

लाल बत्ती नहीं हुई होती तो मोटर चालक सीएसएमटी रेलवे स्टेशन के पास पुल ढहने के दौरान उसके नीचे से गुजर रहे होते और हादसे का शिकार हो जाते. दुर्घटना के वक्त सिग्नल पर इंतजार कर रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘हम सब सिग्नल पर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे क्योंकि बत्ती लाल थी. बत्ती हरी होने से पहले पुल लोगों समेत ढह गया. अगर बत्ती पहले हरी हो गई होती तो स्थिति और भयावह हो सकती थी.’ इस पुल को आम तौर पर ‘कसाब पुल’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि 26/11 हादसे से दौरान हमलावरों ने इस पुल का प्रयोग किया था।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा, मुंबई में फुटओवर ब्रिज के गिरने की खबर सुनकर बहुत पीड़ा हुई है. मैंने बीएमसी कमिश्नर और मुंबई पुलिस अधिकारियों से बात की है और उन्हें रेल मंत्रालय के साथ तालमेल बनाते हुए तेजी से बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं. बाद में मुख्यमंत्री ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि उन्होंने इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस पुल का स्ट्रक्चरल ऑडिट किया गया था जिसमें इसे फिट पाया गया था. इसके बाद भी अगर यह हादसा हुआ हुआ है तो यह ऑडिट पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. जांच की जाएगी और सख्त एक्शन लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए मुआवजा देने का फैसला किया है. इसके साथ ही घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का फैसला किया गया है।

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