fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

JNU में दलित छात्रों को यूनिवर्सिटी छोड़ने पर मजबूर कर रहा प्रशासन, बीटेक में रजिस्ट्रेशन करने से रोका

JNU-B.Tec-Dalit-Students-Denied-Registration

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष एसएन बालाजी ने मानव संसाधन और विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि दो दलित बीटेक छात्रों को उनके तीसरे सेमेस्टर में रजिस्ट्रेशन करने से रोक दिया गया और प्रशासन द्वारा उन्हें यूनिवर्सिटी छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय जैसे विश्वप्रसिद्ध संस्थान में दलित छात्रों के साथ भेदभाव की घटना बेहद ही शर्मनाक है। 

Advertisement

HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक के साथ ही  दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को भी पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी गई। दो दलित छात्रों के बीटेक के तीसरे सेमेस्टर में पंजीकरण कथित रूप रोके जाने का आरोप लगाते हुए इसे वापस करने की मांग की है।

छात्रसंघ के मौजूदा अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा कि जेएनयू इंजीनियरिंग स्कूल के छात्रों ने सीखने और आगे बढ़ पाने की उम्मीद में यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया था लेकिन उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को परीक्षाओं और पदोन्नति नियमों के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी, “जल्दबाज़ी और अनियोजित कदमों से बी-टेक के छात्रों के पहले बैच के लिए परेशानियां खड़ी कर दी गईं जिसकी भरपाई शायद ही की जा सके। अपर्याप्त सुविधाओं के कारण गंवाया हुआ वर्ष वापस नहीं आएगा।”

 बालाजी ने निशंक और दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में उचित आधारभूत ढांचा और नियमों को लेकर पारदर्शिता हो। इसके साथ ही वहां सुधार के साथ ही पूरक परीक्षा के अवसर हों।

छात्र संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यहां अचानक छात्रों को बताया गया कि उनके पास आवश्यक ग्रेड नहीं है, इसलिए जुलाई 2019 से शुरू होने वाले तीसरे सेमेस्टर में उनका रजिस्ट्रेशन रोक दिया गया। उन्हें किताबों, उचित क्लास रूम और अन्य सुविधाओं के लिए पूरे साल संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने पत्र में लिखा कि वेबसाइट में उनके लिए पारंपरिक रूप से प्रदर्शित अध्यादेश भी लागू नहीं है। जानकारी के मुताबिक छात्रों ने जेएनयू प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस पूरे मामले पर यूनिवर्सिटी प्रशासन संपर्क की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।


Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved