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BJP के आयुष्मान भारत योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा, जाँच के बाद भी कार्रवाई नहीं

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छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत योजना में निजी अस्पतालों द्वारा बड़ा फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। योजना के के तहत मरीज और शासन दोनों से पैसे वसूलने की लगातार शिकायत मिल रही थी। इस शिकायत पर नेशनल हेल्थ एजेंसी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की अनुशंसा को अधिकारी लगातार नज़रअंदाज कर रहे है।

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शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के लिए जिला स्वास्थ्य अधिकारी धमतरी को पत्र लिखा गया साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी भी धमतरी के उसी अस्पताल गुप्ता नर्सिंग होम में छापा मारकर जांच की कार्यवाही की। जिसके बाद अस्पताल के ऊपर कई प्रकार के अनियमितता और गैर कानूनी कार्य में लिप्त होना पाया गया। अस्पताल की लापरवाही से कई नवजात शिशुओं के इलाज में लापरवाही का मामला भी सामने आया है।

कोई कार्यवाही न होते देख जांच समिति की सदस्य और समाजसेवी  ममता शर्मा  ने पुनः 20 जून को एक पत्र लिखकर 2 अस्पतालों की जांच के लिए  कमिश्नर चुरेन्द्र से मामले की जांच कमिटी गठित करने की मांग की, साथ ही यह भी मांग की शिकायतकर्ता को जांच टीम में रखा जाए, जिससे कार्यवाही की पारदर्शिता बानी रहे. संभाग कमिश्नर द्वारा तत्काल मामले की जांच कमिटी गठित की गयी जिसमे ममता शर्मा को भी रखा गया है.

धमतरी में सामजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा के साथ जांच कमिटी ने 29 जून को जाँच की, जांच के दौरान पता चला कि जांच तो हुई है किन्तु आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. जाँच समिति में शामिल कार्यकर्ता ममता शर्मा ने बताया कि जो बच्चे रहे ही नहीं उन बच्चो का पाँच दिनों से इलाज कर पैसा ऐंठने का आरोप सही पाया गया है. जाँच में शिकायत सही पाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी. कलेक्टर और SP को कार्रवाई करने की अनुशंसा लिखी गई थी लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. पांचवें महीने नई जाँच पूरी हो चुकी थी जिसको दबा दिया गया था, जब फिर से जाँच टीम पहुँची तो मामला उजागर हुआ.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी (NHA) ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को शासकीय योजना से निलंबित करने और अन्य बिन्दुओं पर जांच कर अस्पताल के ऊपर एफआईआर करने की अनुसंशा के साथ विस्तृत जाँच के लिए लिख है. विस्तृत जाँच रिपोर्ट में साफ़ कहा गया है कि…


आयुष्मान योजना के तहत  चलने वाले गुप्ता हॉस्पिटल धमतरी एवं सम्बंधित चिकित्सकों द्वारा नवजात शिशु के इलाज में पूर्णतः नेग्लिजेंसी किया गया है जो कि मानकों एवं दिशानिर्देशो के विपरीत एवं गंभीर है.  शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ मुकेश लूकंडको भी राज्य से नोटिस दिया गया है.
ममता शर्मा ने जांच के दौरान पाया कि इस अस्पताल के विरूद्ध पहले भी कई गड़बड़ियों की शिकायत हुई है, जिसकी जानकारी उसी दिन RTI लगाकर जिला चिकित्सा अधिकारी से जानकारी मांगी. RTI से प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है इस अस्पताल के संचालक इस तरह का अपराध पहले से कर रहे हैं किन्तु ऊँची पहुंच और रसूख के कारण इन पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है.

ममता शर्मा ने कहा इतनी शिकायत और जांच के बाद भी राज्य में बैठे अधिकारी इस अस्पातल के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं जो यह दर्शाता है कि राज्य भर में अस्पतालों द्वारा किया रहा फर्जीवाड़ा और आपराधिक कृत्य का संरक्षण उसी विभाग के अधिकारी कर रहे हैं. जिससे इनके हौसले बुलंद है और जनता परेशान है. कई अस्पतालों की और शिकायते कागजों के साथ आयी हैं जिन पर हम कार्य कर रहे हैं जल्द ही खुलासा करेंगे. शर्मा ने मांग की है कि जब समस्त रिपोर्ट राज्य के अधिकारियों को मिल गयी है तो अस्पताल को तत्काल बंद करने कार्यवाही की जाए, साथ ही जिम्मेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज कराया जाए.

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