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वैज्ञानिकों की उपलब्धि का मोदी सरकार ने उठाया फ़ायदा, चुनाव आयोग ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

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(Image Credits: New Indian Express)

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल यानी 27 मार्च को लगभग सवा बारह बजे करीब देश को सम्बोधित किया जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई उपलब्धि के बारे में देश को बताया था। पीएम ने देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारतीय स्पेस एजेंसी ने ‘मिशन शक्ति’ नाम के एक ऑपरेशन में लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में बेकार पड़े एक सैटलाइट को मार गिराया है।

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चुनावी माहौल व देश में अचार सहित लागू रहते क्या प्रधानमंत्री मोदी का वैज्ञानिको की उपलब्धियों का इस तरह से देश को सम्बोधन उचित है या नहीं इस बात पर बवाल खड़ा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा सरकार के मंत्री हर दूसरे दिन आचार सहित का उल्लंघन करने के मामले में सुर्खियों में बने रहते है वही अब चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिशन शक्ति की सफलता पर देश के नाम दिए संबोधन पर संज्ञान लिया है और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। विपक्षी दलों ने आयोग से इसकी शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि पीएम ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है। आयोग ने पीएम के भाषण की कॉपी भी मंगवाई है।

चुनाव आयोग अब इस बात की जाँच करेगा की उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल इस्तेमाल की जानकारी देश को देने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में है या नहीं. साथ ही इस बात की भी जांच की जाएगी की वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि का कही मोदी सरकार राजनैतिक इस्तेमाल तोह नहीं करना चाह रही है।

आयोग ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश को संबोधित करने का मामला आयोग के संज्ञान में लाया गया है. आयोग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच अधिकारियों की समिति गठित कर तत्काल इस तामले की जांच करने का निर्देश दिया.’’ उल्लेखनीय है कि माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों की उपलब्धि का राजनीतिक लाभ लेने के लिए देश को संबोधित किया और यह आचार संहिता का उल्लंघन है. येचुरी ने आयोग से यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने आयोग से अनुमति लेकर देश को संबोधित किया.

पीएम की इस घोषणा के बाद विपक्षी दलों ने उसकी टाइमिंग पर ऐतराज जताया है। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक घोषणा करार देते हुए कहा कि यह आदर्श चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन है। ममता ने कहा कि वह इसकी शिकायत आयोग से करेंगी। ममता कहा, “यह एक राजनीतिक घोषणा है, जबकि इसे वैज्ञानिकों द्वारा बताया जाना चाहिए था, यह उनका क्रेडिट है। सिर्फ एक सैटेलाइट नष्ट किया गया, इसकी कोई जरूरत नहीं थी। सैटलाइट लंबे समय से पड़ा था। यह वैज्ञानिकों का विशेषाधिकार है कि यह कब करना है। हम इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे।”


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मिशन की सफलता के लिए डीआरडीओ को शुभकामनाएं दी हैं और ट्वीट के जरिए प्रधानमंत्री पर इशारों में हमला बोला।
राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘वेल डन डीआरडीओ, आपकी इस उपलब्धि पर हमें बहुत गर्व है। मैं प्रधानमंत्री को वर्ल्ड थिअटर डे की बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं।’

वही अब देखना यह है की चुनाव आयोग की जांच समिति में क्या फैसला निकल कर सामने आता है वही चुनाव आयोग की और से सूत्रों की माने तोह प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद सूत्रों ने बताया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी मामले चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आते. यह पूछे जाने पर कि उपग्रह भेदी मिसाइल क्षमता के सफल प्रयोग की जानकारी देश के साथ साझा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन क्या आचार संहिता का उल्लंघन है, अधिकारी ने कहा, ‘‘कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक हुई थी. उसके लिए निर्णय और आपदा प्रबंधन जैसे मामले आचार संहिता के दायरे में नहीं आते हैं. इन मामलों में आयोग की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं है.’’

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