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पुलिस और गोदी मीडिया ने लगाया बहुजनों पर यह आरोप, फिर गिरफ्तार हो गए रावण

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दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में रविदास मंदिर को तोड़े जाने का मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज दलित समाज के लोगों ने बुधवार को रामलीला मैदान में रैली करने के बाद तुगलकाबाद पहुंचे और वह विरोध प्रदर्शन किया। वही इस पुरे मामले में लगतार गोदी मीडिया में यह दिखाया जा रहा है की दलित समाज के लोगो ने वहा काफी तोड़ फोड़ कर, पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और प्रदर्शन को उग्र बना दिया। वही  पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ क्या किया गया यह कोई नहीं दिखा रहा। पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है।  शांतिपूर्ण प्रदर्शन को किस तरह से पुलिस ने बहुजन समाज के लोगो के व्यवहार किया इसका पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

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चन्द्रशेखर आजाद पर काफी आरोप लगा कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।  सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, आगजनी करना और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप उनपर लगाया गया है। सभी आरोपियों को आज साकेत कोर्ट में पेश किया जाएगा. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को बड़े पैमाने पर बहुजन समाज के लोग सड़क पर उतर आए। पुलिस के मुताबिक कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए ताकि मामले को शांत किया जा सके। 

पुलिस के मुताबिक, भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने तुगलकाबाद के रविदास मंदिर को तोड़ने को लेकर जारी मामले के बीच दिल्ली के जंतर मंतर में रैली करने की अनुमति मांगी थी। उन्हें जंतर-मंतर पर रैली की अनुमति नहीं दी गई और रामलीला ग्राउंड में रैली करने के लिए कहा गया। बुधवार को रैली करने के बाद लोग मार्च करते हुए तुगलकाबाद की तरफ निकल पड़े साथ ही हज़ारो की संख्या में लोग उनके साथ मौजूद थे। जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस का आमना सामना हुआ तो मामला वही बिगड़ गया इसी बीच भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर  आज़ाद की तबीयत भी ख़राब होने लगी। लगतार पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे थे। इस मामले में भीम आर्मी के चीफ समेत 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 

आपको बता दे की रविदास मंदिर का केस मंदिर बनाम डीडीए के साथ चल रहा था और मामले में डीडीए के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर को गिरा दिया गया। वही नाराज दलित समाज ने मंदिर तोड़े जाने के खिलाफ हजारों की संख्या में बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की।  


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