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सरकारी अस्पताल में फिर हुई लापरवाही, गर्भवती महिला ने फर्श पर ही दिया बच्ची को जन्म

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दून महिला अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का मामला सामने आया है जहां गर्भवती महिला दर्द से कराहती रही पर अस्पताल में कोई सुनने वाला नहीं था। महिला की आवाज़ न डॉक्टर ने सुनी और न ही उसे कोई सुविधा मिली नतीजतन महिला ने बच्ची को फर्श पर ही जन्म दे दिया।

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आपको बता दे की दून महिला अस्पताल में सवा महीने के भीतर ही लापरवाही का यह दूसरा बड़ा मामला है। महिला के अचानक बच्ची के फर्श पर जन्म देने के बाद अस्पताल की आँखे खुली और अस्पताल में हड़कंप मच गया। फिलहाल बच्ची और माँ दोनों ही सुरक्षित है। महिला का नाम मनीषा तोमर है वह चकराता की निवासी है और वर्तमान में सुंदरवाला में रह रही है जिसे बृहस्पतिवार को रायपुर सीएचसी से रेफर किया गया।

मामल बृहस्पतिवार का है जब महिला अपने पति के साथ अस्पताल पहुँची। डॉक्टर ने बच्चे के जन्म का समय नज़दीक होने के कारण महिला को दून महिला अस्पताल ले जाने को कहा था। महिला के पति बच्चन तोमर ने यह बताया की जब वह दून अस्पताल पहुँचे तो मनीषा को सही उपचार नहीं दिया गया। अस्पताल ने लापरवाही बरती।

महिला के पति ने आरोप लगाते हुए कहा की अस्पताल वाले मनीषा को लेबर रूम में ले जाने के बजाये उससे इधर उधर घुमाते रहे। मनीषा को अल्ट्रासाउंड कराने को बोला गया। वह अल्ट्रासाउंड के लिए आधे घंटे तक इंतजार में खड़ी रही। अचानक तेज दर्द होने लगा तो वह लेबर रूम वापस आ गई।

पति ने डॉक्टर पर आरोप लगते हुए कहा की ‘डॉक्टर्स ने मनीषा को लेबर रूम से लौटा दिया और अल्ट्रासाउंड कराने को कहा, वह लेबर रूम से बाहर ही निकली ही थी की गैलरी में ही प्रसव हो गया। यह देख अस्पताल में हड़कंप सा मच गया और में और मौजूदा लोग उसे उठा कर लेबर रूम में ले गए, जहां मनीषा के आगे का इलाज किया गया।’ महिला के पति का यह भी आरोप है कि स्टाफ ने उनकी पत्नी से व्हीलचेयर भी छीन ली।


वही पहले भी 20 सितंबर को दून अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आया था जहा 20 सितंबर को अस्पताल में पांच दिन तक फर्श पर पड़ी रहने के बाद महिला को प्रसव हुआ था।

उसके बाद फर्श पर ही जच्चा-बच्चा ने दम तोड़ दिया था। इस मामले की जांच की गई थी, लेकिन बाद में चिकित्सकों को क्लीन चिट दे दी गई थी।

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