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आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने RSS के खिलाफ दिया चौकाने वाला बयान

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(Image Credits: Gulf News)

बीजेपी से सम्बंधित RSS संस्था एक हिंदुत्व संस्था है। यह संस्था चर्चा का विषय बनी रहती है क्योंकि इस संस्था को कट्टर हिन्दू वादी संस्था माना जाता है। इस बार भारतीय रिज़र्व बैंक आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने RSS को लेकर बड़ा बयान दिया है। रघुराम राजन का कहना है कि आरएसएस का संकीर्ण वैश्विक दृष्टिकोण भारत के लिए गतिरोध पैदा कर सकता है।

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रघुराम राजन का कहना है कि यह देश हमारे संस्थापकों नेहरू तथा गांधी के विचारों और हमारे संविधान की बुनियाद पर खड़ा है। द वायर खबर के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का संकीर्ण वैश्विक नजरिया, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए समस्या बन सकता है।

पार्स टुडे डॉट कॉम खबर के अनुसार, राजन ने कहा कि इसलिए मैं मानता हूं कि RSS के संकीर्ण नजरिए की वजह से यह संगठन बाहर के समुदायों के साथ भारत की विस्तृत भागीदारी को अधिक स्वतंत्रता नहीं देता। मेरे हिसाब से यह हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश के लिए समस्या खड़ी करने वाला नज़रिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यह RSS का संगठनात्मक उद्देश्य है जिससे वह सहमत नहीं हैं।

राजन अपनी नयी बुक “द थर्ड पिलर” को प्रमोट करने के लिए भारत आए है। राजन ने बताया है कि यह किताब RSS जैसे राष्ट्रवादी संगठनों के उद्देश्यों के खिलाफ है। आपको बता दे की आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन फिर से उस समय चर्चा में आए जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि उनकी पार्टी ने रघुराम राजन से सलाह करने के बाद ही न्यूनतम आय गारंटी योजना का खाका पेश किया है। सितंबर 2013 में भारतीय रिज़र्व बैंक, आरबीआई का गवर्नर पद संभालने से पहले रघुराम राजन अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री थे।

कहना गलत नहीं होगा की RSS जैसे संगठन आगे चल कर एक समस्या का मुद्दा बन सकता है। कट्टर हिन्दू सोच रखने वाले लोग दूसरे समुदायों को आजादी नहीं देते। यही कारण है की RSS हमेशा अपने हिंदुत्व और विरोधी सोच के चलते से एक चर्चा का विषय बना रहा। जिस संगठन में सिर्फ हिन्दू धर्म को ही बढ़ावा दिया जाए और दूसरे समुदायों के लिए नफरत पैदा की जाए वह एक आतंकवाद ही कहलाता है।


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