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सुब्रमण्यम स्वामी- भ्रष्टाचारियों को बचाने पर तुली है मेरी सरकार, CBI के बाद अब ED की बारी

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(Image Credits: Moneycontrol)

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी ही पार्टी पर लगाया आरोप कहा, मेरी सरकार भ्रस्टाचारियों का बचाव करने में लगी हैं। सुब्रमण्यम स्वामी अपने बेतुके बोल के लिए जाने जाते हैं। दरअसल इस बार उन्होनें अपने पार्टी भाजपा पर आरोप लगाया है और कहा, भाजपा भ्रस्टाचारियों का बचाव कर रही हैं।

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अभी हाल ही में सीबीआई के डायरेक्टर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। सुब्रमण्यम स्वामी ने इसी के सन्दर्भ में कहा की सीबीआई के बाद अगला नंबर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों का है। साथ ही उन्होंने ऐसा कहा की अगर सहीं में ऐसा होता है तो भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई खत्म हो जाएगी।

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा की ‘सीबीआई नरसंहार’ में शामिल लोग परवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी राजेश्वर सिंह को निलंबित करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है की अगर ऐसा होता है तो, उन्होंने जो भ्रष्टाचार के मामले दायर कर रखें हैं। उनसे वह पीछे हट जायेंगें। इस बारें में स्वामी ने ट्वीट भी किया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में इस प्रकार कहा, ‘सीबीआई नरसंहार के खिलाड़ी ईडी के राजेश्वर को निलंबित करने वाले हैं ताकि वह ‘पीसी’ पी चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकें. अगर ऐसा हुआ तो मेरे लिए भ्रष्टाचार से लड़ने की कोई वजह नहीं रहेगी क्योंकि मेरी सरकार उन्हें बचाने पर तुली है. ऐसे में मैंने भ्रष्टाचार के जो मामले दायर किए हैं उन सभी से हट जाऊंगा.’

सुब्रमण्यम स्वामी हमेशा पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम को पीसी कहते हैं। परवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी राजेश्वर सिंह कथित रूप से पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलें की जाँच में जुटें हैं। चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के जगहों पर परवर्तन निदेशालय ने कई बार छापा मारा हैं।

स्वामी ने ट्वीट तब किया है जब सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों-निदेशक और विशेष निदेशक द्वारा एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इससे निजाद पाने के लिए मोदी सरकार ने दोनों को अवकाश पर भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि सीबीआई के निदेशक राकेश अस्थाना और अन्य अधिकारी पर कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े व्यक्ति सतीश साना से पैसे देकर उनपर चल रहे मामलें को ख़त्म करने का आरोप है। इसी मामलें के खिलाफ सीबीआई और अन्य अधिकारी पर सीबीआई ने FIR दर्ज कर ली है। इसके एक दिन के पश्चात डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

इस गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने राकेश अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का केस भी दर्ज कर लिया। सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच आरोप प्रत्यारोप की जंग चल रही है। आरोप प्रत्यारोप की इस जंग के कारण केंद्र सरकार ने सतर्कता आयोग की सिफारिश करने पर इन दोनों अधिकारियों को अवकाश पर भेज दिया है।

इसके पश्चात नागेश्वर राव जो पहले जॉइंट डायरेक्टर थे, उनको सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया गया। अंतरिम निदेशक बनने के तुरंत बाद ही नागेश्वर राव ने उन सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया जिनका इस मामलें से सम्बन्ध था।

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