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पूर्व नौसेना प्रमुख मुख़्यमंत्री योगी के खिलाफ जायेंगे चुनाव आयोग, आर्मी को बताया था ‘मोदीजी की सेना’

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(Image Credits: Satyavijayi)

हाल ही में पूर्व नौसेना चीफ एडमिरल एल रामदास ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था की मोदी सरकार सेना के नाम राजनीतिक फायदा उठा रही है। दरअसल पुलवामा के बाद पडोसी मुल्क पर हवाई कार्रवाई करने के बाद मौजूदा सरकार ने सेना के नाम पर अपनी राजनीतिक चमकाने की बहुत कोशिश की थी। जिसको लेकर पूर्व नौसेना चीफ ने सरकार पर सेना के नाम से राजनीति करने को लेकर निशाना साधा था।

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इसी प्रकार एक बार फिर नौसेना चीफ ने मौजूदा सरकार में मंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है। दरअसल उत्तरप्रदेश के मुख़्यमंत्री ने भारतीय सेना को मोदी जी की सेना बता दिया है। जिसके बाद नौसेना प्रमुख ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही है। योगी आदित्यनाथ ने यह बयान गाजियाबाद के बिसाहड़ा गांव में सोमवार को एक रैली में दिया, जिसके बाद से यह रैली विवादों के घेरे में आ गई। इस बयान पर सोमवार को संज्ञान लेते हुये चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश निर्वाचन कार्यालय से इस पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। इसके साथ आयोग ने मुख्यमंत्री योगी के इस भाषण की कॉपियां भी मंगवाई है।

योगी के बयान पर पूर्व नेवी चीफ ने बताया की सैन्य बल किसी एक व्यक्ति से नहीं जुड़ा होता है। उन्होंने दावा किया कि कई पूर्व और सेवारत सैनिक भी उनकी टिप्पणी पर नाराज हैं। एडमिरल रामदास ने कहा, ‘सैन्य बल किसी व्यक्ति से नहीं जुड़ा हुआ है, वे देश की सेवा करते हैं. चुनाव होने तक मुख्य चुनाव आयुक्त बॉस हैं मैं इस संबंध में चुनाव आयोग जा रहा हूं.’

वहीं इस बयान पर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने योगी के बयान को आम बताया। और कहा की इससे पहले भी पिछले पांच साल में कई नेताओं ने इस तरह की टिप्पणी करते हुए राष्ट्रवाद को सैन्य बलों से जोड़ने की कोशिश की है।

इसका मतलब अब तो सेना ने भी यह मान लिया है की मौजूदा सरकार राष्ट्रवाद और सैन्य बलों को आपस में जोड़ने की कोशिश करती है। और इसके ही सहारे, सरकार देश के लोगो के सामने अपनी पार्टी के राष्ट्रवाद की झूठी छवि को रखने का प्रयास करती है। जिससे की सरकार अधिक से अधिक लोगो का मत हासिल करने में कामयाब हो सके।


योगी के बयान पर विपक्षी पार्टियों ने भी निशाना साधा है। कांग्रेस ने उनपर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भारतीय सेना को ‘मोदी की सेना’ बताना जवानों के पराक्रम और शहीदों का अपमान है। ऐसे करके उन्होंने चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन किया है। वहीँ सीपीआई के राज्यसभा सदस्य डी राजा ने कहा की चुनाव आयोग को योगी के बयान पर तुरंत सज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘योगी का बयान बेहद आपत्तिजनक है. यह मतदाताओं को प्रभावित करने का तरीका है जिसमें मतदाताओं को मनोवैज्ञानिक तौर पर परोक्ष रूप से भयभीत करने भी कोशिश की गई है.’

मुख़्यमंत्री आदित्यनाथ पर विपक्ष के हमलों के बीच चुनाव आयोग ने गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट से इस मामले में रिपोर्ट तलब किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की टिप्पणी से आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है कि नहीं। बता दें की चुनाव आयोग ने 19 मार्च को सभी राजनीतिक पार्टियों को सलाह दी थी की, चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी लाभ के लिए सैनिकों और सैन्य अभियानों का जिक्र न करे।

इससे पहले मुख़्यमंत्री योगी ने रविवार को विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के लिए जो ‘असंभव’ था, वह अब भाजपा के शासन में संभव हो गया है ,उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे और मोदी जी की सेना आतंकवादियों को गोली और गोला देती है. यही अंतर है. कांग्रेस के लोग मसूद अजहर के नाम के आगे ‘जी’ लगाते हैं, ताकि आतंकवाद को बढ़ावा मिले.’

इसके जवाब में कांग्रेस ने योगी पर फिर से निशाना साधा और कहा, ‘योगी आदित्यनाथ द्वारा सेना की वीरता को हड़पना और इसे ‘मोदी की सेना’ करार देना हमारे शहीदों एवं हमारे बहादुर जवानों की वीरता और त्याग का अपमान है.’ कांग्रेस नेता संदीप सुरजेवाला ने मुख़्यमंत्री योगी पर कहा, ‘योगी आदित्यनाथ ने ‘मोदी की सेना’ बोलकर हमारे शहीदों तथा हमारे बहादुर जवानों के पराक्रम एवं बलिदान का अपमान किया है। यह चुनाव आयोग के नियमों का भी उल्लंघन है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक, 2019 के चुनावों में अपनी हार सामने देखकर वे देश के जनादेश को कुचल रहे हैं. आदित्यनाथ ‘जीरो परफॉर्मेंस’ मुख्यमंत्री हैं. लिहाजा उन्हें लोगों का सामना करने के लिए हमारे सशस्त्र बलों के त्याग और वीरता के पीछे छुपना पड़ता है।

वहीं योगी के बयान पर पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से मुख़्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ऐतराज जताया। और कहा, यह सुनना चौंकाने वाला है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि भारतीय सेना ‘मोदी सेना’ है. ऐसा निर्लज्ज वैयक्तिकरण और हमारी प्रिय भारतीय सेना की वीरता को हड़पना उनका अपमान है. हमें अपनी सेना पर गर्व है. वे सभी की हैं. वे हमारे देश की महान पूंजी है, न कि भाजपा की कैसेट है. देश के लोगों को खड़े होकर इस बयान को खारिज करना चाहिए.’

मुख़्यमंत्री योगी के इस बयान से यह पता चलता है की मौजूदा सरकार विपक्षी पार्टी के कामो का फायदा तो उठाती ही है। बल्कि इसके साथ साथ अब सरकार ने सेना के पराक्रमो को भी अपना नाम देना शुरू कर दिया है। नौसेना प्रमुख द्वारा कुछ ही महीनो पहले मौजूदा सरकार पर आरोप लगाने से पता चलता है की, सरकार किस तरह अपने लाभ के लिए सेना के नाम का गलत इस्तेमाल कर रही है। नौसेना प्रमुख के इस तरह के बयानों से यह भी पता चलता है की देश में सेना भी मौजूदा सरकार के रवैये से काफी परेशांन है।

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