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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका देने के लिए की तैयारी

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(Image Credits: Indiatoday.in)

वैसे तो हमेशा से ही भारत सरकार और अमेरिका के बीच अच्छे सम्बन्ध रहे हैं। भारत और अमेरिका के रिश्तो में अक्सर गरमाहट की भी बात कही जाती है। और इसके साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प को अपना अच्छा दोस्त भी मानते है।

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भारत अमेरिका के बीच अच्छे सम्बन्ध होने के कारण ही अमरीकी सरकार ने हाल ही में जम्मू कश्मीर में CRPF काफिले के साथ हुई घटना की निंदा की थी। और इसके साथ भारत के पडोसी मुल्क को आतंक से निपटने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए भी कहा था।

लेकिन शायद भविष्य में अमेरिका द्वारा भारत का साथ दिए जायेगा या है नहीं इस पर आशंका बनी हुई है। हम ऐसा इसलिए कह रहे है। क्यूंकि मौजूदा सरकार की गलत विदेश नीतियों के कारण आज अमरीकी राष्ट्रपति भारत को आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा झटका देने की तैयारी में हैं। लगता है मोदी सरकार के अच्छे दोस्त को उनकी नीतियां पसंद नहीं आई है, जिसके कारन अब उन्होंने इसका जवाब देने की तैयारी भी कर ली है।

दरअसल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में भारत को जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (GSP) से बाहर करने से जुड़ा बयान देकर वैश्विक आर्थिक गलियारे में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने इस बारे में अमेरिका की संसद यानी ‘कांग्रेस’ को भी बकायदा पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। अगर ऐसा सच में हो जाता है, तो भारत को बड़ी मुस्किलो को सामना कर पड़ सकता है।

भारत का GSP से बाहर हो जाने पर अमेरिकी बाजार में 5.6 बिलियन डॉलर मूल्य के भारतीय उत्पादों के लिए ड्यूटी फ्री यानी शुल्क-मुक्त एंट्री का दरवाजा बंद हो जाएगा। यह भारत के लिए बड़ा आर्थिक झटका होगा।


ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह भारत के लिए शुल्क मुक्त ट्रीटमेंट को खत्म करने का इरादा रखते हैं. बताया जा रहा है कि जीएसपी के तहत अगर भागीदारी समाप्त होती है तो 2017 में डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद से यह भारत के खिलाफ सबसे बड़ी दण्डनात्मक कार्रवाई होगी।

अमरीकी राष्ट्रपति व्यापार घाटे को कम करने की अक्सर बाते करते रहते हैं। और उनका यह मानना है कि भारत व्यापार के मामले में अमेरिका को अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है। फलस्परूप भारत अमेरिकी उत्पादों पर भारत मोटा टैक्स वसूल रहा है।

ट्रम्प इस बात का जिक्र कई बार अलग अलग मंचो पर भी करते रहते हैं। उनका मानना है कि भारत ऐसा देश है, जो अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा टैरिफ थोपता है। इसके जवाब में उन्होंने भी भारत के उत्पादों के अमेरिकी बाजार में ड्यूटी फ्री प्रवेश रोकने का सोचा है।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, मैं यह कदम इसलिए उठा रहा हूं क्योंकि अमेरिका से गहन जुड़ाव के बाद भी भारत ने अमेरिका को यह आश्वासन नहीं दिया है कि वह भारत के बाजार में समान और उचित पहुंच प्रदान करेगा।

अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने कहा कि जीएसपी (GSP) से भारत को बाहर करने का निर्णय राष्ट्रपति की घोषणा के जरिए ही अधिनियमित किया जा सकता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, 2017 में भारत के साथ अमेरिकी वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार घाटा 27.3 बिलियन डॉलर था।

देश पहले ही सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के परिणामो से जूझ रहा है। नोटबंदी और GST (Goods And Services Tax) के कारण न जाने कितने छोटे व्यापारियों और कुछ माध्यम वर्ग के व्यापारियों को इसका नुकसान उठाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा लाये गए नोटबंदी के कारण देश में अनेको नागरिको को अपने रोजगार से भी हाथ धोना पड़ा।

सरकार हमेशा से ही अमरीका के साथ अपने अच्छे संबंधो की चर्चा करती रहती है। और ये हमेशा से दिखाने की कोशिश करती है की, अमेरिका भारत का कितना बड़ा हितेषी है। परन्तु अब बीजेपी सरकार की असफलता सामने दिख रही है।

किसी भी देश में सरकार की सफलता उसकी नीतियों और उसके द्वारा उठाये गए कदम पर आधारित होते हैं। इसके साथ सरकार की विदेश नीतियों के कारण ही अंतर्राष्ट्रीय तौर पर दूसरे देशो के साथ उसके संबंधो का पता चलता है।

आज भारत में मौजूदा सरकार की खराब विदेश नीतियों के कारण ही ऐसे दिन आ गए हैं, जब दुनिया में सबसे ताकतवर माने जाने वाला देश अमेरिका, भारत के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा कदम उठाने को मजबूर है। अमेरिका के इस कदम के कारण भारत को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। और इन सबकी जिम्मेदार भाजपा सरकार होगी।

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