fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
देश

वोट और VVPAT पर्ची में नहीं हुआ मेल, अधिकारियों ने युवक से कहा- शिकायत करने पर अरेस्ट हो जाओगे

Vote-and-VVPAT-slips-did-not-match,-officials-asked-the-young-man - will-get-arrested-if-complaining
(Image Credits : India Today)

देश की राजधानी में लोकसभा चुनाव के छठवे चरण के मतदान में कई जगह ईवीएम खराब होने का मामला सामने आया है। वहीँ इसको लेकर एक युवक मिलन गुप्ता ने भी ईवीएम में ख़राब होने की बात कही, युवक ने दावा किया उसने जो वोट दिया और जो वीवीपैट पर पर्ची आई वह मेल नहीं खा रही। और जब युवक ने इसकी शिकायत करने की बात कही तो उसे अधिकारियों द्वारा रोका गया और उन्होंने युवक को कहा, ऐसा करने पर उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।

Advertisement

यह मामला पश्चिमी दिल्ली के मटियाला विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र से जुड़ा हुआ है। युवक मिलन गुप्ता ने इस बारे में ट्वीट किया, ‘मेरी वीवीपैट मशीन (दिल्ली, मटियाला मतदान केंद्र संख्या 96) ने गलत निशान दिखाया जबकि ईवीएम (EVM) की लाल बत्ती सही जली थी. मैंने निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की जिन्होंने मुझे नोडल अधिकारी के पास जाने का निर्देश दिया और उन्होंने वहां से सेक्शन ऑफिसर के पास जाने का निर्देश दिया. उन सभी ने मुझे शिकायत नहीं करने को कहा।

युवक ने आगे कहा, ‘उन्होंने मुझे कहा कि मुझे आईपीसी की धारा 177 के तहत गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मुझे यह बहुत अजीब लगा क्योंकि यह धारा बिना अदालती आदेश के गिरफ्तार करने का प्रावधान नहीं करती. मैंने उन्हें बताया कि मैं हर हाल में लिखित शिकायत करुंगा.”

बता दें की दिल्ली में 12 तारीख को छटवें चरण का चुनाव हुआ, जिसमे लगभग 60 प्रतिशत लोगो ने मतदान किया। जो की पिछले लोकसभा चुनाव के 65 प्रतिशत से कम है। दिल्ली में आप, भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। दिल्ली के निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा उनके कार्यालय ने मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने के लिए जितना जागरुकता अभियान चलाया था उसे देखते हुए मतदान प्रतिशत उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।

देश की राजधानी में लोकसभा की सभी सातो सीटों पर मतदान हुए। इनमें से चांदनी चौक और उत्तर पूर्व दिल्ली में 62 प्रतिशत से अधिक मतदान हुए जबकि नई दिल्ली में 56.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं पूर्वी दिल्ली की बात करे तो यहां मतदान 61.5 प्रतिशत रहा और उत्तर पश्चिम दिल्ली में यह 59 प्रतिशत तथा दक्षिण दिल्ली में 58 प्रतिशत और पश्चिम दिल्ली में 60 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सभी सातों सीटों की तुलना की जाए तो, नई दिल्ली क्षेत्र में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया।


निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा, ‘शाम छह बजे तक मतदान केंद्रों के बाहर कतारें थीं. दिन के अंत तक मतदान 61 प्रतिशत पार करने की उम्मीद है.’ दिल्ली में 1.43 करोड़ मतदाता हैं। 164 उम्मीदवारों चुनाव मैदान में हैं जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और आप, इन तीनो पार्टियों ने सभी सातों सीटें जीतने का भरोसा जताया है। दिल्ली में मतदान की शुरुआत सुबह धीमी रही लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही इसमें तेजी आयी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू सहित कई गणमान्य हस्तियों ने अपने मताधिकारों का इस्तेमाल किया।

बता दें की चुनाव आयोग ने सोमवार को आदेश दिया की, ईवीएम में गलत पर्ची निकलने का दावा करने वाले युवक के आरोपों की जांच की जाए। चुनाव आयोग को इस मामले में निष्पक्ष होकर कार्रवाई करनी चाहिए। मतदान केंद्र में अधिकारियों द्वारा युवक को शिकायत करने से रोकना उचित नहीं है, क्यूंकि ऐसा होने पर लोगो के मन में उन अधिकारियों और प्रशासन को लेकर गलत संदेश जाएगा।

यहां देखने वाली बात यह है की अधिकारियों ने युवक मिलन गुप्ता को सिर्फ शिकायत करने से रोका ही नहीं, बल्कि उसे उसके खिलाफ कार्रवाई होने का डर भी दिखाया। इसके साथ साथ आईपीसी की धारा 177 के तहत उसकी गिरफ्तारी होने की भी बात कही।

आखिर अधिकारियो का युवक को शिकायत करने से रोकने के पीछे क्या कारन होंगें ? इसका जवाब तो निर्वाचन आयोग और वे सभी अधिकारी ही दे सकते हैं। जब इस तरह की घटना होती है तो लोगो का चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराने का भरोसा टूट जाता है। देश भर में इतने बड़े चुनाव के दौरान ऐसी घटनाओ को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग को उन सभी अधिकारियों से सवाल करने चाहिए जिन्होंने युवक को शिकायत करने से रोका था।

चुनाव आयोग एक तरफ तो निष्पक्ष और सुरक्षित चुनाव कराने की न जाने कितनी बातें करता है। परन्तु देशभर में ईवीएम का खराब होना और कुछ जगहों पर बूथ कैप्चरिंग के मामले सामने आना, उनके इन दावों पर संदेह पैदा करता है। इन सभी घटनाओ से पता चलता है की कहीं न कहीं चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कराने में लापरवाही बरती जा रही है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved