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CJI रंजन गोगोई का CBI पर फूटा गुस्सा, राजनैतिक दबाब में काम कर रही है CBI

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भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनपर यह आरोप हमेशा से लगता आया है की वह देश की स्वतंत्र संस्थाओ को  नियंत्रित कर उनके कामो में हस्तक्षेप करने का काम करती है। आपको बता दे की न्यायपालिका, कार्यकापालिका और विधायिका को लेकर हमेशा से कुछ न कुछ सवाल उठते रहे हैं। खासकर कार्यपालिका पर राजनीतिक हस्तक्षेप के ज्यादातर आरोप लगते रहे हैं। इन सभी को देखते हुए अब देश की सर्वोच्च अदालत के चीफ जस्टिस ने देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई को फटकार लगाई है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई लगतार यह महसूस कर रहे है की सीबीआई, आरबीआई, चुनाव आयोग यह सभी स्वतंत्र संस्थाए स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है और लगातार जनता के द्वारा भी इनपर सवाल किये जा रहे है। 

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने मंगलवार को सीबीआई पर तंज कसते हुए कहा कि जब कोई मामला राजनीति से जुड़ा नहीं होता है, तब सीबीआई अच्छा काम करती है, लेकिन जैसे ही राजनीति से जुड़ा कोई संवेदनशील मामला आता है तो सीबीआई की जांच-पड़ताल न्यायिक जांच के मानकों को पूरा नहीं कर पाती है। वह अदालत में सबूत ही पेश नहीं कर पाते सीबीआई राजनैतिक हस्तक्षेप का शिकार हो चुकी है। देश में कई मामले ऐसे सामने आए है जिसकी करवाई राजनैतिक कारणों के कारण टाल दी जाती है या सीबीआई के इन हाई प्रोफाइल मामलो में सबूत ही पेश नहीं कर पाती।  

सीजेआई ने देश के हाईप्रोफाइल मामलों में कई वर्ष बीत जाने के बाद भी सजा दिलाने में नाकाम रहने पर सीबीआई को कटघरे में खड़ा किया। जस्टिस रंजन गोगोई ने डीपी कोहली मेमोरियल लेक्चर के 18वें संस्करण में बोलते हुए कहा कि सीबीआई की अपनी एक खास जगह है, लेकिन उनकी नाकामी ने देश के आम लोगों का ध्यान ज्यादा खींचा है। चीफ जस्टिस ने सीबीआई में असमानता को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि एक्जीक्यूटिव में 15 फीसदी पद खाली हैं, जबकि सीबीआई की टेक्निकल यूनिट में भी 28 प्रतिशत पदों पर भर्तियां नहीं हुईं।

उन्होंने कहा कि एजेंसी के कानूनी विभाग में भी 50 फीसदी पद खाली हैं। विभाग में खाली पदों की संख्या बढ़ने से जांच में राजनीतिक प्रभाव का दखल ज्यादा बढ़ जाता है और जांच प्रभावित होता है। सीबीआई में पर्याप्त निवेश नहीं हो रहा है। लिहाजा इसका असर जांच पर पड़ता है। सीजेआई रंजन गगोई ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्यों होता है, जब किसी मामले का संबंध राजनीति से नहीं होता है तो सीबीआई अच्छा काम करती है। उन्होंने यह भी बताया की न्यायपालिका सीबीआई की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए हर संभव काम कर रही है। सीबीआई को राजनीतिक प्रभाव से बचाने के लिए न्यायापालिका ने कई गाइडलाइंस जारी किए हैं। हालांकि सीजेआई ने इस बात को जरूर कहा कि सीबीआई को भी सीएजी की तरह ही अधिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।


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