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भाजपा का बड़ा चक्रव्यूह, फसती चली गई जनता और जीते मोदी

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(Image Credits: Sky News)

लोकसभा 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल करी, चुनावी नतीजों ने एक बार फिर सबको चौका कर रख दिया और इसका बड़ा श्रेय भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को दिया जा रहा है। अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने इस चुनाव में जीत के लिए पहली बार कई नए प्रयोग किये जिससे लगातार भाजपा चर्चा में रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आम लोगों के बीच बातचीत होती रहे। चाहे उसमे अचार सहित का उल्लंघन ही क्यों न हो रहा हो।

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भाजपा ने चुनाव आयोग से लेकर मीडिया सभी पर अपनी धाक जमाई रखी। भाजपा को चुनाव आयोग की तरफ से पूरी छूट मिली हुई थी जिसका फ़ायदा भी उन्हें मिला है जैसे नमो टीवी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिल्म और देश भर में सबसे बड़े असंगठित क्षेत्र , निजी सुरक्षा एजेंसियों, को ध्यान में रखकर मैं भी चौकीदार अभियान को शुरू करना इसमें शामिल था। जहा सभी पार्टियों के चुनाव प्रचार ख़तम हो चुके थे और चुनाव आयोग की तरफ से सभी विपक्षी पार्टियों पर अपना प्रचार न करने का प्रतिबन्ध था वही भाजपा का नमो टीवी हमेशा ऑन एयर चलता रहा। देश भर का बिकाऊ मीडिया हमेशा मोदी को चुनाव के दौरान दिखाता रहा।

जहा एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी की मीडिया द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को जहा 400 से 600 घंटो तक दिखाया गया, वही बाकी पार्टीयो के नेताओ को जिसमे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी, सपा – बसपा प्रमुख अखिलेश यादव और मायावती, ममता बनर्जी, लालू यादव इन सभी दिग्गजो को मिलाकर कुल 150-200 घंटो तक ही दिखाया गया। इससे आप साफ समझ सकते है की गोदी मीडिया द्वारा किस प्रकार से मोदी को जिताने की तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर दी गई थी।

इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी द्वारा देश के लोगो में मोदी का नाम हमेशा घूमता रहे और दीखता रहे इसके लिए बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मीडिया सेल के प्रमुख अनिल बलूनी के साथ मिलकर एक बड़े पैमाने पर चक्रव्यूह रचा। इसके तहत किसी भी कानूनी प्रक्रिया और झंझावत से बचने के लिए चुनाव आयोग ने भी भाजपा को क्लीन चिट दे कर उनका रास्ता साफ़ किया ताकि सोशल मीडिया सहित नमो टीवी पर दिन रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम और भाषण आते थे।

रोचक यह है कि यह टीवी प्रसारण के नियमों से भी नहीं बंधा था क्योंकि इसे एप्प के माध्यम से डीटीएच के माध्यम से हर टीवी तक पहुंचाया जा रहा था। देश में इस समय एप्प को लेकर कोई कानून ही नहीं है। इसकी वजह से ट्राई, सूचना प्रसारण मंत्रालय से लेकर कानून मंत्रालय तक के दायरे में यह नहीं आया और चुनाव तक भाजपा विरोधी दलों के तमाम हो-हल्ला के बाद भी इस चैनल को चलाता रहा।


नमो टीवी के बहाने लगातार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चर्चा में बने रहे। जिसका राजनैतिक लाभ भाजपा को हुआ। इसी तरह से देश भी के चौकीदारों से बात करने का कार्यक्रम भी ऐसा ही अनूठा कदम था। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जब चौकीदार चोर है के जवाब में रणनीति बनाई तो सभी विरोधी ध्वस्त हो गए। उन्होंने प्रचार समिति के प्रमुख अरूण जेटली और पीयूष गोयल से चर्चा की कि क्या देश भर के चौकीदारों के साथ वार्ता कर विरोधियों को जवाब दिया जा सकता है।

इसके उपरांत प्रचार समिति में ही कार्यरत और बिहार प्रदेश के पूर्व मंत्री 39 वर्षीय ऋतुराज सिन्हा को इस काम में लगाया गया। वह देश की सबसे बड़ी करीब 7000 करोड़ रूपये से अधिक की बाजार मूल्य वाली निजी सुरक्षा एजेंसी में से एक के मालिक हैं और आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड तक सुरक्षा एजेंसियों के टेक-ओवर अभियान में लगे हैं, उनकी कंपनी के सहारे 24 घंटे से भी कम समय में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश भर में पांच लाख से अधिक चौकीदारों से एक ही समय में बात कराने का सफल कार्यक्रम आयोजित कर दिया।

जब भारतीय जनता पार्टी में बिहार के युवा नेता ऋतुराज सिन्हा ने अपनी ही कंपनी के सभी चौकीदारों को पहले ही यह ट्रेनिंग दे दी थी की उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के हक़ में ही बोलना है वरना उनकी नौकरी तक जा सकती है ऐसे में भाजपा द्वारा चलाया गया कैंपेन जिसमे चौकीदारों से बात करवाई कई यह भी एक सोची समझी साजिश थी। चौकीदारों को पहले से ही बातचीत की ट्रेनिंग दे दी गई थी ताकि प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान वह हमेशा भाजपा के पक्ष में ही बोले। इसके अलावा चुनाव के समय सबसे अधिक चर्चा मोदी के बायोपिक पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर भी चर्चा होती रही। विवेक ओबरॉय इसमें मोदी की भूमिका में है।

यह फिल्म भले ही चुनावों तक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच पाई हो लेकिन अमित शाह ने इसके बहाने देश भर में जो संदेश पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था, उसमें वह कामयाब रहे। चुनाव से कुछ दिन पहले ही फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया गया जिसमे मोदी की छवि ऐसे दिखाई गई जैसे वो नेता नहीं भगवान् हो फिल्म के ट्रेलर में हर मुद्दों को मोदी के पक्ष में दिखाया गया।

फिल्म चुनाव तक विवादों में बनी रही भले ही फिल्म रिलीज़ नहीं हुई और इसके ट्रेलर मात्र ने ही ने जनता के दिमाग में मोदी के प्रति के एक गरीब और असहाय बच्चा जो ट्रैन में चाय बेचने से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा चुनाव तक होती रहीे। इसी तरह से मीडिया सेल के प्रमुख अनिल बलूनी और सह प्रभारी संजय मयूख के माध्यम से अमित शाह ने चुनाव के हर चरण के मुताबिक मीडिया के साथ संवाद और इंटरव्यू का कार्यक्रम तय किया।

बड़े-बड़े अखबारों टीवी चैनलो ने मोदी के प्रमुखता दी वही सभी बड़े बड़े मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने का काम मीडिया ने किया जिसके लिए उन्हें बड़ी रकम भी अदा हुई होगी। जहा मोदी नहीं पहुँच सके वहां मोदी की बात पहुचाने का काम रेडिओ, अखबार और टेलीविज़न ने किया हमेशा उनको यह आदेश दिए गए की वह मोदी के पक्ष में ही न्यूज़ दिखाए ताकि लोगो के मन में चुनाव तक मोदी मोदी चलता रहे। अचार सहित लागू होते हुए भी मोदी ने देश को सम्बोधन दिया जिसमे उन्होंने लो अर्थ ऑर्बिट में स्वदेशी एंटी सैटेलाइट मिसाइल को ध्वस्त करने की बात रखी जबकि यह प्रक्रिया काफी पहले से बहार द्वारा की जा रही थी वैज्ञानिको के इस मिशन को मोदी ने चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

पुलवामा घटना दौरान जहा पूरा देश शौक में डूबा था वही भारतीय जनता पार्टी की ओर से लगातार चुनावी रैलियों में शहीदों का नाम दिया जा रहा था मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर भारत की जनता से वोट मांगे। बालाकोट एयर स्ट्राइक और जनेवा संधि के कारण जब पाकिस्तान के वायु सेना के जवान अभिनन्दन को वापस किया उसका सीधा फ़ायदा मोदी सरकार को मिला और मोदी ने इसका ज़िक्र कई बार अपने भाषणों में किया भारत की जनता को यह अहसास दिलवाया गया की देश खतरे में है और देश को एक मजबूत सरकार चाहिए यह भय मोदी सरकार लोगो में कायम रही और देश के मोदी को राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर वोट दिए जिसके कारण ही आज मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करी।

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