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GST की चोट से अपंग हो जाएंगे किसान

मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों पर गोली चलवा बीजेपी अपना किसान विरोधी चेहरा उजागर कर चुकी है। मंदसौर के संहार में 6 किसानों ने अपनी जान गवां दी। जनवरी 2017 में जारी राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों को मुताबिक, किसान आत्महत्याओं में 42% की बढ़ोतरी हुई है। आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले बीजेपी शासित महाराष्ट्र में सामने आए। साल 2015 में महारष्ट्र में 4,291 किसानों ने आत्महत्या की। किसानों के आत्महत्या के मामले में महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक का नंबर आता है।

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कर्नाटक में साल 2015 में 1,569 किसानों ने आत्महत्या कर ली। तेलंगाना (1400), मध्य प्रदेश (1290), छत्तीसगढ़ (954), आंध्र प्रदेश (916) और तमिलनाडु (606) भी इसमें शामिल है। नोटबंदी से बर्बाद हुए किसानों पर अब GST का हथौड़ा चलाया गया। ऐसा लगता है बीजेपी अंदरखाने से किसानमुक्त भारत का अभियान चला रही है।

किसानमुक्त भारत बनाने में GST बहुत मददगार साबित होने वाला है। वैसे तो देश में किसान आत्महत्या कर ही रहे हैं लेकिन कर्ज, महंगी खेती और फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान तेजी से आत्महत्या करेंगे। इस तरह भारत किसानमुक्त हो जाएगा।

फिर…

फिर खेती पर बड़े उधोगपतियों का कब्जा होगा। वो चमकीले-भड़कीले व रंगीन पैकेटों में चावल भरकर उसे चांदी के भाव बेचेंगे। बड़े-बड़े फिल्मी सितारे टीवी पर मूली और गाजर का विज्ञापन करते दिखाई देंगे। आपको तरह-तरह के पैकेज दिए जाएंगे… सलमान वाला आटा 100 रू किलो, शाहरूख वाला 86 रू किलो और अमिताभ वाला आटा 200 रुपए किलो। कैटरीना गाजर बेचेंगी, श्रद्धा टमाटर… पैकेज आपको चुनना है।


हो सकता है कंपनियां गेहूं बेचना बंद कर दें, आपको सीधे रिलायंस की रोटी खरीदनी पड़े वो भी 30 रू की एक। चौकने की बात नहीं है पराठा ऑनलाईन मिलना शुरू हो चुका है।

जैसे आज मोबाईल रिचार्ज के अलग-अलग आकर्षक ऑफर दिए जाते हैं तब दाल-सब्जी पर ये ऑफर दिए जाएंगे। 250 रू में एक कप दाल के साथ आलू के पांच टुकड़े फ्री। वर्तमान में कई ऐसी चीजे हैं जिसमें खुद के गरीब होने और दूसरों के अमीर होने का अहसास होता है जैसे- ब्रांडेड कपड़े।

तब पेट भरने की चीजों का ब्रांड होगा और आपको गरीब होने का अहसास दिलाया जाएगा। जो अमीर होगा वो टाटा का खीरा खाएगा, जो गरीब होगा वो आंनदा का खीरा खाएगा। और इस तरह आपको रोज धिक्कारा जाएगा।

अमीरों के बच्चे टिफिन में ब्रांडेड खाना ले जाऐंगे और आपके बच्चे महंगा लेकिन घटिया खाना ले जाएगा।

GST में किसानों के दोहन का पूरा प्रबंध किया गया है। अगर बीज को छोड़ दें तो खेती की कई प्रमुख चीजों पर 12 से 28 फीसदी तक का टैक्स लगेगा। पहले खाद पर 0 से 8 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स लगता था लेकिन अब इन पर 12% की दर से टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। पहले कीटनाशक(पेस्टीसाइड्स) पर 5 से 14 प्रतिशत तक का टैक्स लगता है लेकिन अब 18 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा।

एक यूरिया बैग (50 किलोग्राम) की कीमतों में 35 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी। पहले किसानों को 680 रुपए की यूरिया मिलती थी जो अब 720 रुपए की मिलेगी। वहीं डाई 1050 रुपए से बढ़कर 1300 रुपए की हो गई है। इसी तरह जिंक के लिए 250 से 270 रुपए और कीटनाशक 550 से 600 रुपए देने होंगे। इसके अलावा डीएपी, पोटाश, एनपीके आदि पर भी असर होगा।

सिंचाई के लिए प्रयोग होने वाले रबर और प्लास्टिक पाइप पर 28 फीसदी टैक्स लगेगा। ट्रैक्‍टर पार्ट्स को 18 से 28 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब में रखा गया है। इसकी वजह से ये सभी पार्ट्स बहुत महंगे हो जाएंगे। एक तरफ मंहगी कार से चलने वाले लोगों पर जीएसटी 28 प्रतिशत लगाया है। वहीं गरीब किसानों पर भी 28 प्रतिशत की जीएसटी लगाई गई है।


(अंकित राज नेशनल दस्तक में सबएडिटर हैं ये उनके निजी विचार हैं)

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