fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
अन्य

रोजगार विरोधी है 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम, दलितों और पिछडो को होगा भारी नुक्सान

13-Point-Roster-Systems,-is-an-anti-employment,-Dalits-and-Backwards-Will-suffer-more
(Image Credits: DBPOST)

सुप्रीम कोर्ट ने विश्विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 13 पॉइंट रोस्टर का फैसला सुनाया। इस फैसले के आने के बाद इसके खिलाफ सोमवार को छात्र संगठन आइसा, इनौस व माले कार्यकर्ताओं ने वीर कुंवर सह विवि में प्रतिवाद दिवस मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। आइसा, इनौस व माले के कार्यकर्ताओं ने पुरे विवि में 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के खिलाफ प्रतिवाद मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्त्ता विवि से मार्च करते हुए स्टेशन परिसर पहुंचे और सभा किया।

Advertisement

भाकपा माले के नगर सचिव दिलराज प्रीतम ने कहा कि विवि में होने वाली नियुक्तियों के लिए 13 प्वाइंट रोस्टर का फॉर्मूला बिल्कुल असंवैधानिक है। इससे पुरे शिक्षा जगत से गरीबों व दलितों को बाहर करने की साजिश करी जा रही है।

मोदी सरकार बाबा साहेब के संविधान को मानने को तैयार नहीं है। इस सरकार के खिलाफ पहले लाखों किसानों ने मार्च किया। परन्तु मोदी सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया।

यह बिल्कुल फासीवादी है। उन्होंने सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण को असंवैधानिक बताया। आइसा के राज्य सचिव शिव प्रकाश रंजन ने कहा कि मोदी सरकार जबसे सत्ता में आई है तब से सिर्फ जुमलेबाजी कर रही है।

पहले मोदी सरकार ने रोजगार में कटौती कर दी इसके बाद इससे युवाओं में फैले आक्रोश को दबाने के लिए सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण के लॉलीपॉप थमा दिया। इसके बाद सरकार ने चोर दरवाजे से 13 पॉइंट रोस्टर को,लागु करके विवि में होने वाली नियुक्तियों को असंवैधानिक तरीके से पलट दिया।


देश में एक तरफ वैसे ही रोजगार न होने का संकट बना हुआ है। आनेवाले 7 फरवरी को देशभर के दौरान माले नेता दिल्ली में अपने शिक्षा व रोजगार के अधिकार का हिसाब करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान माले नेता सुरेश पासवान, राजेन्द्र यादव, अमित कुमार बंटी, आइसा जिलासचिव सबीर, जिलाध्यक्ष पप्पू, संजय साजन, रंजन, रुचि, प्रीति, अभिषेक, चांदनी, कमलेश, अभय, रणधीर, कीर्तिकान्त, जयप्रकाश, रामनिवास, उज्ज्वल, विकास, इनौस नेता धीरेंद्र, अशोक समेत दर्जनों कार्यकर्ता ने अपनी उपस्थिति दी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved