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अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने बहुजन विद्यार्थियों के साथ किया अन्याय, लागु किया नया नियम

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(Image Credits: Hindustan Times)

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय की समिति ने बहुजन समाज के छात्रों के लिए एक और परेशानी बड़ा दी है आपको बता दे की अब अनुसूचित जाति-जनजाति के अभ्यर्थियों को ट्यूशन फीस जमा करने के बाद ही इंजिनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्सों में दाखिला मिलेगा। अभी तक अभ्यर्थी समाज कल्याण विभाग से ट्यूशन फीस मिलने के बाद ही उसे कॉलेजों में जमा करते थे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की केंद्रीय प्रवेश समिति ने इस बार से यह व्यवस्था लागू की है।

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पहले जहा बहुजन समाज के विधार्थियो को उनकी सहायता और आर्थिक रूप से किये जाने वाले मदद के तौर पर थोड़ी सहुलिया दी जाती थी जहा विधार्थियो को इंजिनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्सों में एडमिशन मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग के द्वारा टूशन फी मिलने के बाद विधार्थी कॉलेज में फीस को जमा करवा सकते थी उनके पास समय होता था पर अब यह प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। अब बहुजन समाज के छात्रों को पहले ही टूशन फीस का भुगतान करना होगा अन्यथा उन्हें एडमिशन नहीं दिया जायेगा।

Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University के प्रो. विनीत कंसल ने बताया कि UPSEE के जरिए A.P.J. Abdul Kalam Technical University के इंजिनियरिंग, मैनेजमेंट और बीफार्म सहित अन्य कोर्सों में दाखिले की व्यवस्था है। हर साल बड़ी संख्या में अनुसूचित जाति-जनजाति के अभ्यर्थी भी इन कोर्स में दाखिला लेते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक ट्यूशन फीस समाज कल्याण विभाग सीधे अभ्यर्थियों के खाते में भेजता था। इससे कई बार अभ्यर्थी कॉलेज में फीस जमा नहीं करते थे, जिससे आर्थिक नुकसान होता था

प्रो. विनीत कंसल ने बताया कि एससी-एसटी अभ्यर्थियों को पहले ट्यूशन फीस कॉलेजों में जमा करनी होगी। इसके बाद यह फीस समाज कल्याण विभाग उनको खाते में वापस कर देगा। इस संबंध में सभी इंजिनियरिंग और मैनेजमेंट कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


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