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दलित की जान लेने वाला आरोपी चुनाव लड़ने की तैयारी में, पीड़ित परिजनों ने मांगे बंदूक के लाइसेंस

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(Image Credits: picswe.com)

बीते साल 2 अप्रैल को एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के विरोध में भारत के कई हिस्सों में भारत बंद के दौरान दलितों ने प्रदर्शन किया गया था भारत बंद को कई राजनीतिक दलों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया। संगठनों की मांग थी कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट 30 अप्रैल को करेगा।

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मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में इस दौरान सबसे ज्यादा हिंसा की घटनाएं सामने आई, इसी दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर में दलितों के एक ग्रुप पर सवर्णो ने हमला भी कर दिया था, जिसमें 22 साल के दलित युवक दीपक जाटव को गोली लगने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा । दीपक को गोली उस वक्त मारी गई, जब वह अपने पिता के चाय के खोखे पर खड़ा हुआ था।

अब खबर यह सामने आ रही है की दीपक को गोली मारने वाले 4 आरोपियों में से एक राजा सिंह चौहान ग्वालियर से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश के एक प्रभावशाली नेता की पार्टी ने राजा सिंह चौहान को लोकसभा चुनाव के लिए टिकट देने की पेशकश की है।

आरोपी राजा सिंह चौहान इलाके के प्रभावशाली ठाकुर परिवार से ताल्लुक रखता है। जिस राजा सिंह चौहान पर दलित युवक दीपक की जान लेने का आरोप है उसी को अब लोकसभा चुनाव में उतारने की तैयारी चल रही है। आरोपी राजा चौहान और उसके साथियो की हिंसा के दौरान की तस्वीरें और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी खूब देखे गए थे।

चौहान प्याऊ इलाके के निवासी राजा सिंह चौहान ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने उसे ग्वालियर लोकसभा सीट से टिकट देने की पेशकश की है। साथ ही राजा ने चुनाव लड़ने की बात भी कही। राजा चौहान ने बताया कि प्रतापगढ़ के राजा भैया के साथ भी उनकी जान-पहचान है और उसके पिता जनसंघ के समय से भाजपा के साथ जुड़े रहे हैं।


हिंसा की घटना पर राजा सिंह चौहान का कहना है कि “उन्होंने हम पर हमला किया था क्योंकि उन्हें लगा कि यदि वह एक प्रभावशाली परिवार को निशाना बनाएंगे तो इससे एक डर का माहौल बनेगा। हम क्षत्रिय हैं और जब हम पर हमला होता है हमे उसका जवाब देना होता है। हमने लाइसेंसी बंदूकों का इस्तेमाल किया, लेकिन किसी की जान नहीं ली ।”

होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए और ग्वालियर से राजा सिंह चौहान की संभावित उम्मीदवारी के चलते हिंसा के दौरान अपने घर के चिराग को खो देने वाले दीपक के परिजनों ने 5 बंदूक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। जब एक ऐसे गंभीर आरोपी को लोकसभा में उतारा जा सकता है तो आने वाले समय में दीपक के परिजनों की भी मुश्किलें बढ़ सकती है जिसके लिए उन्होंने अपनी आत्म रक्षा के लिए लाइसेंस बंदूकों का आवेदन दिया है इतना ही नहीं दीपक के परिजनों के साथ ही इलाके के कई अन्य लोगों ने भी आत्मरक्षा के लिए बंदूक के लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।

दीपक के पिता मोहन जाटव का कहना है कि ‘हिंसा की घटना के बाद प्रभावशाली ठाकुरों ने मेरी दुकान से चाय नहीं पीने का फरमान जारी कर दिया। इसके बाद लोग आना बंद हो गए और बाद में दुकान बंद करनी पड़ी।’ बता दें कि दीपक की जान लेने के आरोप में पुलिस ने 8 माह पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

फिलहाल मुकदमा चल रहा है और सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं। मंगलवार को बीते साल हुई हिंसा को एक साल पूरा हो गया था। इसलिए पुलिस प्रशासन ने एहतियातन इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की थी।ऐसे में अभी भी दीपक के परिजनों को अपनी सुरक्षा को लेकर संदेह होता जिसके लिए ही उन्होंने अपने परिवार की रक्षा के लिए यह आवेदन दिया है।

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