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भागलपुर: दो दलित वृद्ध महिलाओं को गांव ने डायन बताकर लाठी-डंडे से पीटकर मार डाला

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(Image Credits: Dailyhunt)
घटना भागलपुर के सवैया गोपालीचक गांव की है जहा दो दलित वृद्ध महिलाओं को गांव के ही 8 लोगों ने डायन बताकर लाठी-डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। मृत महिलाएं सवैया गांव की ही रहने वाली थी। मृत महिलाओ की पहचान स्व. गाजो मांझी की 65 वर्षीय पत्नी प्रमिला देवी एवं स्व. वैशाखी मांझी की 70 वर्षीय पत्नी कपूरवा देवी के रूप में हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मृतका के परिजन मुंशी मांझी ने बताया कि गांव के लोगों ने मेरी मां व एक अन्य महिला को डायन बता कर घर से खींच कर ले गए और पीट पीटकर कर  मार डाला। उसके बाद शवों को पथरी पहाड़ी के पास ले जाकर दफना दिया। आराेपियों ने मृतक महिला के परिवारवालों को धमकी दी कि अगर इसकी शिकायत थाने में करोगे तो तुम्हें भी जान से मार देंगे।
परिजनों ने बताया कि घटना में शामिल गाँव वालो के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत की गई है। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब गांव का एक 30 वर्षीय लड़का मनीष पिछले 15 दिनों से बीमार चल रहा था। 24 फरवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मनीष की मां नीरू का कहना था कि पुत्र पर जादू टोना किया गया था। इससे उसके पूरे शरीर में जलन हो रही थी। शरीर की चमड़ी झुलस कर गिरने लगी थी।
इसके बाद मनीष को डॉक्टर से दिखाया गया लेकिन डॉक्टर को भी मनीष की बीमारी समझ में नहीं आई। इससे मृतक के परिजनों को शक हुआ कि बीमारी के पीछे इन्हीं दो वृद्ध महिलाओं का हाथ है।
मनीष के परिजनों सहित ग्रामीणों ने दोनों वृद्ध महिलाओं को चेतावनी दी थी कि मनीष को ठीक करो या फिर अंजाम भुगतने को तैयार रहो। उधर, मनीष की हालत में सुधार नहीं हो रहा था। 24 फरवरी को ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों वृद्धाओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी एवं शव को पथरी पहाड़ी के पास ले जाकर दफना दिया।
दलित मृतका के परिजनों का कहना है उन लोगों ने इसकी लिखित शिकायत थाना में की है। वहीं इस संबंध में थानाध्यक्ष मिंटू कुमार ने बताया कि अभी तक किसी ने मामले से संबंधित आवेदन नहीं दिया है। आवेदन मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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