fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
अन्य

ईवीएम से नहीं किया जा सकता पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव

Cannot-be-transparent-and-impartial-election-by-EVM
(Image Credits: Scroll.in)

EVM को लेकर विपक्षी पार्टी हमेशा से अपना शक जताती आई है और EVM को लेकर पार्टियों ने विरोध भी जताया है। और हाल ही में विपक्षी पार्टियों का शक और गहरा गया। जब कुछी दिनों पहले लंदन से एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया Application Skype द्वारा Press Conference करके दावा किया की भाजपा ने 4 महीने पहले 5 राज्यों में हुए चुनावों में EVM को hack करने की कोशिश की थी। इस व्यक्ति का नाम सईद सुजेवाला है जो की कथित रूप से हैकर बताया जा रहा है।

Advertisement

जब यह खबर राजनैतिक पार्टियों की बीच आई तो हंगामा से फ़ैल गया। इस घटना के बाद से विपक्षी पार्टियों में evm को लेकर उनका शक और अधिक बढ़ गया है। दरअसल EVM को लेकर सिर्फ विपक्षी पार्टियों ने ही अपना विरोध नहीं जताया है, बल्कि कुछ छोटे सामजिक संघठन ने भी EVM को लेकर अपना विरोध जताया है।

ऐसा ही एक विरोध उत्तर प्रदेश के धौलाना में संविधान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किया गया। समिति के आह्वान पर प्रदेश के सभी ब्लॉकों में तहसील स्तर पर EVM के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया।

वहीं EVM को लेकर तहसील प्रभारी गंगाराम जयंत ने कहा की ईवीएम से पारदर्शी, निष्पक्ष चुनाव नहीं किया जा सकता है। और VVPAT (Voter-verified paper audit trail) के माध्यम से ईवीएम की हेराफेरी भी पकड़ी जा चुकी है। चुनाव आयोग भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही है, जिसका संविधान बचाओ संघर्ष समिति विरोध करती है।

आपको ये बता दें की हाल ही में हरियाणा के जींद में उपचुनाव हुए। जिसमे EVM को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता कर्मवीर सैनी ने कहा उन्होंने कहा कि मशीनों में भारी गड़बड़ी थी, बाहर लिखे नंबर व अंदर लिखे नंबर बिल्कुल भी मेल नहीं खाते थे।


कि, जींद उपचुनाव में भाजपा नहीं, ईवीएम ने जीत हासिल की है। CM बार-बार कहते थे कि वह 15 हजार से जींद उपचुनाव में जीत हासिल करेंगे क्योंकि उन्हें पता था कि उन्हें जनता के वोट की जरूरत नहीं बल्कि ईवीएम सेट करने की जरूरत है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved