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दलित स्त्री शक्ति संगठन ने लोकसभा चुनाव को लेकर दलित महिलाओं से किया अपील

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(Image Credits: Dalit Stree Shakthi)

दलित महिलाओं के लिए काम करने वाला संगठन, दलित स्त्री शक्ति ने बुधवार प्रेसवार्ता के जरिए एक बड़ी घोषणा की है। यह संगठन देश भर में दलित और आदिवासी समुदाय के महिलाओं को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करती है। संगठन ने आने वाले लोकसभा चुनाव के मध्यनजर दलित महिलाओं से अपील किया, और कहा की लोकसभा चुनाव में वोट डालते वक्त वो बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर की बातो का ध्यान में रखें।

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दलित स्त्री शक्ति संगठन के प्रेसवार्ता में दलित महिलाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। 200 से ज्यादा दलित महिलाओं ने इस प्रेसवार्ता में भाग लिया। दरअसल दलित स्त्री शक्ति संगठन का मुख्य विचार यह है की दलित महिलाओ को सामूहिक रूप से निर्णय लेने तथा स्वतंत्र रूप से सोचने के लिए प्रशिक्षित करना। इसके साथ साथ उन्हें इस योग्य बनाना जिससे की दलित महिलाएं बिना किसी एक लीडर के सामूहिक रूप से निर्णय ले सकें।

आइए हम अब इस संगठन के बारे में बताने की कोशिश करते हैं। आंध्रप्रदेश में दलित महिलाओं के अधिकार और उनके हक़ को प्राप्त करने के लिए 2006 में दलित स्त्री शक्ति संगठन उभर कर समाने आया था। एक ऐसे राज्य में जहां लगातार सरकारें और राजनीतिक दल द्वारा दलित महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखा गया और इसके साथ उन्हें विभिन्न मौद्रिक योजनाओं और खैरात के साथ लुभाने का प्रयास भी किया गया। जिसके कारण राज्य में दलित महिलाओ को उनके अधिकार के लिए जगरूक करने और उनके हक को दिलाने के लिए दलित स्त्री शक्ति संगठन की शरुआत करना जरूरी समझा गया।

प्रेसवर्ता के दौरान, दलित स्त्री शक्ति के राष्ट्रीय संयोजक झांसी गेदाम ने कहा, “सफल सरकारों को दलित और आदिवासी महिलाओं के मुद्दे को उठाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। हमें अपने नेटवर्क को मजबूत करना चाहिए ताकि सरकार ऐसी नीतियों का मसौदा तैयार कर सके जो दलित और आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनुकूल हैं।

इस सम्मेलन में, दलित महिला का नेतृत्व करने वाली महिला ने विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन करके गांव, मंडल, जिला और राज्य स्तर पर एक ज्ञान नेटवर्क बनाने का वादा किया। जिससे की देश में हरके दलित महिला सरकार द्वारा उनके ऊपर किय जाने वाले अत्याचारों से अवगत हो सके और इससे लड़ने के लिए अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो जाये।


महिलाओ के साथ साथ संगठन दलित युवा श्रमिक संघों को भी प्रशिक्षण देगी। दलित स्त्री शक्ति आने वाले दिनों में गाँवों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। संगठन दलित महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करेगा और इसके साथ महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने में मदद भी करेगी।

सम्मेलन में Ms. Geddam ने कहा कि शैक्षिक संस्थान जो दलित और आदिवासी छात्रों को दाखिला देते हैं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए उनकी निगरानी भी की जाएगी। साथ उन्होंने दलित और आदिवासी महिलाओं के खिलाफ होने वाले हिंसा को रोकना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

आइये हम अब आपको दलित स्त्री शक्ति संगठन के द्वारा प्राप्त की गई कुछ मुख्य उपलब्धियों की बात करते हैं। संगठन की सहायता से 1000 दलित महिलाओं ने अपने दम पर अपने क्षेत्र की परेशानियों की पहचान करके उनमे सुधार किया है। और इसके साथ दलित महिलाओं और दलित बालिकाओं के मुद्दों को प्रभावी ढंग से पहचान करके उनका समाधान करने में सफलता भी हासिल की है।

गाँव से लेकर जिला स्तर तक की वैधानिक संस्थाओं में 560 से अधिक दलित महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित किया गया। दलित महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ हिंसा के 3000 से अधिक प्रमुख मामलों की पहचान किया, और उचित धाराओं के साथ मामलों को दर्ज करके संगठन द्वारा आवश्यक कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई। संगठन द्वारा और भी कई उपलब्धियों को हासिल किया गया है।

दलित स्त्री शक्ति संगठन के प्रेसवार्ता के द्वारा दलित महिलाओं को आने वाले चुनाव में बाबा साहेब के विचारों को ध्यान में रखकर वोट करने को कहा है। जिसके कारण दलित महिलायें एक निष्पक्ष उम्मीदवार को चुन सकेगी जो की धर्म और जाति के अनुसार नहीं बल्कि समाज में शिक्षा और गरीबो के विकास के लिए काम करेगा। और जनता को अपने काम के लिए जवाबदेही भी होगा।

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