fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
अन्य

बाबा साहेब आम्बेडकर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘B R Ambedkar Now and Then’

Documentary-based-on-Baba-Saheb-Ambedkar-'B R-Ambedkar-Now-and-Then'

उत्तर प्रदेश की रहने वाली ज्योति निशा एक आजाद बहुजन लेखक और मुंबई आधारित फिल्म निर्माता बाबा साहेब आम्बेडकर पर एक डॉक्यूमेंट्री बंनाने जा रही है। जिसका शीर्षक ‘B R Ambedkar Now and Then’ ‘बी आर अंबेडकर अभी और तब’ है। डोक्युमेंट्ररी बाबा साहेब के जीवन पर आधारित होगी प्रतीकात्मक रूप से और राजनीतिक रूप से। जो जाति की संस्था पर सवाल उठाती है। और इसके साथ-साथ यह डोक्युमेंट्ररी,धर्म, राजनीतिक, क्रांति,और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर टिप्पणी है।

Advertisement

ज्योति निशा ने इस डॉक्युमेंटरी को बनाने के पीछे दो महत्वपूर्ण कारण बताए है। पहला, जाति आधारित भेदभाव- रोहित वेमुला की मृत्यु, रोहित वेमुला हैदराबाद विश्विद्यालय में पीएचडी के छात्र और बहुजन कार्यकर्त्ता भी थे। कई नेताओं और दूसरे कार्यकर्ताओ द्वारा उनके ऊपर जाति आधारित हिंसा और भेदभाव करने के कारण रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली।

डॉक्यूमेंट्री बनाने के पीछे दूसरा कारण, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता- आज के समय में ज्ञान के उत्पादन पर व्यवस्थित रूप से हमला हो रहा है। फिल्म कलाकार, शैक्षणिक संस्थानों में उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ऊपर व्यवस्थित रूप से हमला किया जा रहा है।

बाबा साहेब पर बनने वाली यह डॉक्यूमेंट्री ‘B R Ambedkar Now and Then’ बहुजन पर पहले बनने वाली कहानियों या चरित्र से अलग है। बहुजन समाज पर अब तक जितने भी कहानी या चरित्र को बताया गया है उन्हें ऊंची जातियों के दृष्टिकोण से दिखाया गया है।

वहीं बाबा साहेब अम्बेडकर पर बनने वाली यह डॉक्यूमेंट्री में न ही सिर्फ बहुजन समाज में होने वाले संघर्ष को प्रदर्शित किया है। बल्कि इसे बहुजन और नारीवाद के दृष्टकोण की सहायता से दिखाया है।


ज्योति निशा ने डाक्यूमेंट्री के लिए पिछले ढाई साल में आठ राज्यों में भ्रमण किया और बहुजन समाज की स्थितियों को जानने का प्रयास किया है। ज्योति निशा और उनकी टीम ने अभी तक डॉक्यूमेंट्री का पूरा खर्चा खुद वहन किया है। उनका कहना है की डाक्यूमेंट्री को तैयार होने में 20 लाख रुपयों की लागत आएगी। उन्होनें साथ में यह भी कहा है की अगर 60 दिनों के अंदर 20 लाख रूपये इकट्ठे नहीं हो पाते है तो, जिन लोगो ने इसके लिए आर्थिक सहायता दी है उन्हें उनकी राशि लौटा दी जायगी और इस डाक्यूमेंट्री को बनाने से रोक दिया जाएगा।

आर्थिक सहायता के लिए निशा ने फिल्म जगत, कलाकार और उन सभी लोगो से उम्मीद लगाई है जो बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों में अपनी आस्था रखता है। तो अगर आप भी बाबा साहेब आम्बेडकर के विचारों में विश्वास रखते हैं तो इस डॉक्यूमेंट्री के लिए आर्थिक सहायता दे सकते हैं।

ज्योति निशा की सहायता करने के लिए इस बटन पर क्लिक करें।

 

और नेशनल दस्तक की पत्रकारिता को सपोर्ट करने के लिए इस विजेट पर जाएँ:

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved