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अमित शाह को काला झंडा दिखाने वाली छात्रा निलंबित, नहीं हुई कोई सुनवाई

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(image credits: patrika)

उत्तर प्रदेश के इलाबाद में करीब एक साल पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को काले झंडे दिखाकर चर्चा में आईं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शोध छात्रा नेहा यादव को विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है। बीबीसी के अनुसार, शैक्षणिक सत्र समाप्त होने पर प्रशासन छात्रावासों को खाली करा रहा था। नेहा यादव और कई अन्य छात्राएं इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही थीं। आरोप है कि इस आंदोलन की वजह से सड़क पर जाम लग गया और प्रशासन को जाम हटाना पड़ा था

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दरअसल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रावासों को खाली कराने की कार्रवाई का कुछ छात्र ये कहकर विरोध कर रहे थे कि उन्हें कुछ दिन और रहने की छूट दे दी जाए क्योंकि आने वाले दिनों में यूजीसी की परीक्षा है। जिसके लिए ही उन्होंने और समय की मैग प्रशासन से करी थी। बता दें कि नेहा यादव विश्वविद्यालय के फूड एंड टेक्नोलॉजी विभाग में शोध छात्रा हैं और हॉल ऑफ रेजिडेंस हॉस्टल में रहती हैं।

नेहा यादव का आरोप है कि इविवि प्रशासन ने उनके ख़िलाफ़ एकतरफ़ा कार्रवाई की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय ने मुझे कोई चेतावनी पत्र तक नहीं दिया, सीधे निलंबित कर दिया और कारण बताओ नोटिस में पूछा है कि ‘क्यों न आपको निष्कासित कर दिया जाए.’ नेहा यादव का आरोप है कि वो विश्वविद्यालय प्रशासन के निशाने पर तभी से हैं जब उन्होंने पिछले साल अमित शाह को काला झंडा दिखाया था और उस आरोप में वो जेल भी गई थीं।

उन्होंने कहा, ‘आंदोलन में इतनी छात्राएं थीं, कुछ ऐसी भी थीं जो छात्रसंघ का चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन कार्रवाई सिर्फ़ मेरे ख़िलाफ़ ही हुई. मुझ पर आरोप लगे हैं कि मेरे ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज हैं, जबकि जो भी मामले दर्ज हैं वो छात्र हितों की लड़ाई लड़ने के आरोप में ही दर्ज हैं ’नेहा यादव कहती हैं, ‘मैंने तो माफ़ी भी मांगी है कि कुछ ग़लत किया हो तो माफ़ कर दिया जाए लेकिन मेरी बात कोई सुन ही नहीं रहा है. कुलपति महोदय से भी मिलने की दो दिन तक कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाई’

बता दें कि, नेहा यादव साल 2016 में विश्वविद्यालय में संयुक्त प्रवेश परीक्षा की टॉपर रही हैं और उनका अच्छा अकादमिक रिकॉर्ड रहा है पर लगातार उनपर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा था और अब उन्हें निलंबित कर दिया गया है।


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