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गुजरात: दलित दूल्हे की बारात पर उच्च जाति के लोगों द्वारा पथराव, चोट लगने से घोड़ी की मृत्यु

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(Image Credits: BTVI)

मौजूदा सरकार में गुजरात में दलित के साथ होने वाली घटनाएं रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। कभी बीजेपी के इस राज्य में दलित के साथ दुर्व्यहार की बात सामने आती है तो कभी किसी दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने पर लोगो द्वारा विरोध किया जाता है। दलितों के साथ होने वाली ऐसी घटनाओ में आये दिन बढ़ोतरी ही देखी जा रही है। कुछ इसी प्रकार एक बार फिर गुजरात से ही एक और ऐसा मामला सामने आता दिख रहा है।

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दरअसल राज्य में दलित दूल्हे की बारात पर उच्च जाति के लोगो द्वारा पथराव करने का मामला सामने आया है। घटना अरावली जिले की मोदासा तहसील के खाम्बीसार गांव की है। इस घटना में दूल्हे की घोड़ी को नुक्सान पंहुचा। पुलिस के मुताबिक घटना, 12 मई की है जब दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जयेश राठौड़ की शादी थी, जिसके लिए बारात में घोड़ी का इंतजाम भी किया गया था।

बताया यह जा रहा कि गांव में किसी दलित द्वारा घोड़ी मंगाने का यह पहला मामला था, जिसके बाद उच्च जाति के लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। पीड़ितों के शिकायत के मुताबिक आरोपी दबंगों ने बारात को रोकने के लिए सड़क पर यज्ञ का आयोजन किया था। वहीं, जब बारात वहां से गुजरी तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने आईपीसी के अलावा एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में 16 महिलाओं और 27 पुरुषों को आरोपी बनाया गया था। सभी आरोपी पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखते थे।

इस संदर्भ में जयेश राठौड़ के वकील केवलसिंह राठौड़ ने बताया कि, आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल कर रखी है। साथ ही, वे लोग एफआईआर को भी झूठा बता रहे हैं। हमने पुलिस सुरक्षा में बारात निकाली थी, फिर भी यह घटना हुई। वहीं, जिस घोड़ी पर दूल्हा बैठा था, उस घोड़ी को इस पथराव में गंभीर चोटे आई है । पुलिस ने घोड़ी के मालिक केसरीसिंह चौहान का बयान भी दर्ज कर लिया है। ऐसे में कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

वकील ने बताया की, मामले में सभी आरोपी फरार है, वे लोग बाहर से ही जमानत लेने की कोशिश कर रहे है। दूसरी और मामले की जांच कर रहे डिप्टी एसपी एसएस गाध्वी ने बताया कि 12 मई की घटना के कुछ दिन बाद ही घोड़ी की जान चली गई।


बता दें को गुजरात में दलितों के साथ होने वाले घटनायें नई नहीं है। अक्सर हमें गुजरात से ही दलित संबंधी अधिक मामले सुनने को मिलते है। दलितों के साथ बार बार होने वाली घटनाएं प्रसाशन की बड़ी लापरवाही को दिखाता है। देखा जाये तो इन घटनाओ के पीछे कुछ चंद लोग ही है। ऐसे लोग जिनकी मानसिकता का स्तर एकदम खराब हो चूका है।

यहाँ देखने वाली बात है की अक्सर गुजरात से ही दलित सम्बन्धी मामले क्यों सुनने को मिलते है, सरकार की एक रिपोर्ट में भी यह खुलासा हुआ है की गुजरात ही ऐसा राज्य है जहाँ दलितों के साथ होने वाली घटनाये सब राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। अब तो इससे साफ हो जाता है की यहाँ के प्रशासन द्वारा इन सभी मामलो में आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने में देरी की जाती है। और इसी कारण राज्य में एक खास समाज के लोगो को इन सब चीजों से गुजरना पड़ता है।

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