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सर्जिकल स्ट्राइक के हीरो जनरल हुड्डा ने पी एम मोदी और बीजेपी पर कसा तंज, कह डाली यह बात

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(Image Credits: Dawn)

बालाकोट में सेना द्वारा किये कार्यवाही को देखते हुए लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा मोदी सरकार के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया है। पुलवामा में हुए घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था की सेना के हाथ खुले है वह कुछ भी कर सकती है, सेना को पूरी आज़ादी है की वह आतंकियों को अपने तरीके से सबक सिखाये।

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हुड्डा ने पहले हाथ खोलने वाली बात को गलत साबित करते हुए कहा की सेना के हाथ पहले भी खुले हुए थे। लेकिन सेना के हाथ उससे पहले भी बंधे हुए नहीं थे। हुड्डा ने यह बयान विज्ञापन संगठनों द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम ‘गोवा फेस्ट’ में दिया था।

हुड्डा का कहना है की, “मौजूदा सरकार ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में हवाई हमले की अनुमति देने में निश्चित रूप से महान राजनीतिक संकल्प दिखाया है। लेकिन इससे पहले भी आपकी सेना के हाथ नहीं बंधे थे। उन्होंने कहा, सेना को खुली छूट देने के बारे में बहुत ज्यादा बातें हुई हैं, लेकिन 1947 से सेना सीमा पर स्वतंत्र है। इसने तीन-चार युद्ध लड़े हैं।

हुड्डा ने कहा, “नियंत्रण रेखा एक खतरनाक जगह है क्योंकि जैसा कि मैंने कहा कि आपके ऊपर गोलीबारी की जा रही है और जमीन पर सैनिक इसका तुरंत जवाब देंगे। सैनिक मुझसे भी नहीं पूछेंगे कोई अनुमति लेने का कोई सवाल ही नहीं है। सेना को खुली छूट दी गई है और यह सब साथ में हुआ है, कोई विकल्प नहीं है।” हुड्डा ने सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद सीमा-पार सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना की उत्तरी कमान की अगुवाई की थी।

हुड्डा अब राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस के कार्यबल का नेतृत्व कर रहे हैं। हुड्डा ने उरी आतंकी हमले को याद करते हुए कहा, ‘‘उस शाम, मैं चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के साथ था। और हम तंबुओं की राख की चार इंच मोटी परत से गुजरते हुए कह रहे थे कि हमें कुछ करना है, हम इसे ऐसे ही जाने नहीं दे सकते।” उन्होंने कहा, ‘‘जब हम विकल्पों के बारे में बात कर रहे थे, तब हमें इस बात ने मदद की कि पिछले एक साल से हम ऐसी किसी आकस्मिक स्थिति के लिए प्रशिक्षण में जुटे थे. हम नहीं जानते थे कि यह मौका कब आएगा. ” उन्होंने कहा, ‘‘उरी हमले से पहल पिछले एक साल से स्पेशल फोर्सेज को इसके लिए तैयार किया जा रहा था…यदि हमें सीमा पार पाकिस्तान में धावा बोलना हो, तो हमें क्या करना होगा।


हुड्डा ने सीधा सीधा मोदी पर निशाना साधा है और बताया है की सेना को आजादी देने की जरूरत नहीं है। सेना पहले से ही आजाद है और वह कोई भी एक्शन ले सकती है। हुड्डा ने कार्यक्रम में उरी हमले की और भी बाते साझा की। न्होंने कहा कि सेना बेहद ‘आत्मविश्वासी’ थी क्योंकि सुरक्षाबलों को बेहतरीन प्रशिक्षण मिला था. हुड्डा ने कहा, ‘‘ और सच कहूं तो मैंने सलाह पर काफी भरोसा किया. शीर्ष स्तर पर फैसले लेने के लिए आप अकेले होते हैं और अगर आप सलाह लेने से बचते हैं तो हो सकता है कि आप गलत फैसले लें.” उन्होंने कहा, ‘‘ हमें अलग-अलग समय पर निशाना लगाना था।

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