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आईआईटी विवाद में प्रोफेसरों की पत्नियों के तेवर बदले, राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी

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(Image Credits: gdpi.hitbullseye)

आईआईटी में चार प्रोफेसरों के द्वारा दलित पर उत्पीड़न के मामले में सुलह की कोशिशों के बीच प्रोफेसरों की पत्निया अब लड़ने के मूड में है और उन्होंने अपने तेवर कड़े कर लिए है। वह इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी कर रही हैं। संस्थान के वूमेन फोरम पर शनिवार को इस बात को लेकर तगड़ी बहस हुई है। प्रोफेसरों के पत्नियों ने इस मामले को शह देने वाले शिक्षकों को निशाना बनाया है। प्रो. सुब्रमण्यम सडरेला को पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश में प्रोफेसर की पत्नियों ने अपनी ओर से लड़ाई तेज कर दी है।

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गिरफ्तारी पर अदालत के मोहलत देने के बाद भी वह सक्रिय हैं। अब उन्होंने उन शिक्षकों की सूची तैयार की है जो डॉ. सडरेला के आंतरिक से समर्थन कर रहे हैं। एक प्रोफेसर कि पत्नी ने बताया कि वूमेन फोरम अब इस लड़ाई को लड़ेगा, यह बात बताने के लिए उन्होंने नाम न छापने की शर्त रखी। दरअसल, संस्थान के ही कुछ शिक्षक इस मुद्दे को आगे ले जा रहे हैं और वह प्रशासनिक पदों पर भी है ऐसे में कहीं न कहीं उनसे डॉ. सडरेला को मदद भी मिल रही है।

उन्होंने बताया कि जब तक शिक्षकों की मदद मिलती रहेगी तब तक यह मामला बंद नहीं होगा। कोई न कोई दूसरे रास्ते से परेशान करेंगे। संस्थान के एक अन्य  प्रोफेसर की पत्नी ने बताया है कि फैकल्टी फोरम भी तैयार है। सूत्रों के अनुसार एसोसिएशन की महत्वपूर्ण पदाधिकारी मानव संसाधन विकास मंत्री से भी मुलाकात करेंगी।

इससे पूर्व सोमवार को वह निदेशक प्रो. अभय करंदीकर से मिलकर इस संबंध में अपना अपना पक्ष रखेंगी। उनकी भी जानकारी में डाला जाएगा कि वह शिकायत के लिए दिल्ली जाने की तैयारी में हैं। अगर निदेशक स्तर पर कोई आश्वासन मिलता है तो ठीक है नहीं तो फैसला किया जा चुका है। शुरू से ही महिलाओं ने प्राभवित प्रोफेसरों के पक्ष में खड़ी हैं। इस मामले में अभी तक निदेशक प्रो.अभय करंदीकर चुप्पी साधे हुए हैं।

अदालत से गिरफ्तारी के आदेश पर रोक के बाद डॉ. सब्रमण्यम सडरेला भी आरोपी शिक्षकों को घेरने की तैयारी में हैं। कानूनी विशेषज्ञों राय कर रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस की जांच में अगर इन प्रोफेसरों को क्लीन चिट मिलती है तो दोबारा डॉ. सडरेला इस मामले को आगे ले जा सकते हैं।


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