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असम में जहाँ बाढ़ से परेशान लोग तो दूसरी तरफ BJP की NRC की मार

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(image credits: News On AIR)

असम में भारी बारिश के चलते जहाँ बाढ़ का खतरा सता रहा है वहीँ दूसरी और NRC के चलते लोगो की मुसीबते थम नहीं रही। ऐसे में असम की जनता बेहाल है की वह बाढ़ का सामना करे या फिर बीजेपी सरकार के खतरे का उपाय निकाले। NRC यानि नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के तहत लाखो लोगो का नाम लिस्ट में नहीं है जिसकी वजह से उन्हें असम का नागरिक नहीं माना गया।

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सालो से असम में रह रहे लोगो को बीजेपी सरकार ने काफी बड़ा झटका दिया है। NRC से जूझ रहे लोगो की बारिशो ने मुसीबत बढ़ा दी तो वही NRC की डेडलाइन भी लोगो को सता रही है। असम भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि, यहां के लोग बाढ़ के साथ-साथ एनआरसी की डेडडलाइन, दोनों के खौफ में जी रहे हैं। नैशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स के बचावकर्मी परवेश कुमार बीते दो दिनों से मोरीगांव जिले के तुलसीबाड़ी गांव की रहने वाली रीना बेगम को मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह बाढ़ में आधा डूब चुके घर को छोड़कर सुरक्षित जगह पर चलें, लेकिन वह राजी नहीं हैं।

बचावकर्मी रीना के पड़ोसियों को उनके डूबते घर से निकालकर सुरक्षित जगह ले जा रहे हैं, लेकिन चार बच्चों की दादी 50 साल की रीना बेगम अपना घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कमर तक पानी में डूबी रीना कहती हैं, ‘हम अपना घर कैसे छोड़ सकते हैं?’ परवेश कुमार ने बताया कि खतरे में होने के बावजूद घर न छोड़ने को तैयार लोगों में सिर्फ रीना बेगम ही शामिल नहीं हैं।

परवेश ने बताया, ‘बहुत सारे परिवार हैं जो अपने घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। कल हम एक बेहद सुनसान इलाके में गए थे। 20 लोग एक घर में फंसे थे, लेकिन उनमें से 7 लोग ही हमारे साथ वापस आए।’

इसके बावजूद, बचावकर्मियों ने उन लोगों को अपना मोबाइल नंबर देकर कहा कि अगर उनका विचार बदले तो वे संपर्क कर सकते हैं। देर रात जब पानी का स्तर और बढ़ गया तो कुमार को एक फोन कॉल आया। कुमार ने बताया, ‘जब हालात बेहद खराब होने लगते हैं तो लोग अमूमन फैसला बदलकर लौटना चाहते हैं।’


असम के मुस्लिम बहुल इलाकों में घर और जमीन ही किसी की पहचान का बड़ा सबूत है। यहां यह जानना बेहद जरूरी है कि NRC के प्रकाशन की डेडलाइन 31 जुलाई ही है। एक स्थानीय अधिकारी ने आशंका जताई कि शायद इसी बात का खौफ है, जिसकी वजह से जान पर खतरा मंडराने के बावजूद ये लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

जहाँ असम में स्तिथ बीजेपी सरकार ने लोगो पर NRC का कहर बरपा रखा है तो वही लोग ने भी अपने घर को न छोड़ने का मन बना रखा है। देखना यह है की असम की बीजेपी सरकार लोगो की इन मुश्किलों का क्या हल निकालती है।

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