fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
अन्य

L&T के चेयरमैन का बड़ा खुलासा, बताया- मोदी का मेक इन इंडिया कैसे हुआ फ्लॉप

L&T-chairman's-big-reveal,-how-Modi's-make-in-India-flopped
(image credits: blogcoastore.wordpress)

मोदी सरकार ने अपने शुरुवाती कार्यकाल में देश को तरक्की पर ले जाने के लिए एक स्लोगन पेश किया था जिसका नाम मेक इन इंडिया रखा गया था। परन्तु समय के साथ साथ मेक इन इंडिया का स्लोगन कही खो गया। देश में रोजगार और तरक्की जैसे बड़े मुद्द्दे छोड़ राम मंदिर और हिंदू मुस्लिम जैसे मुद्दे उठने लगे। जहाँ देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को आगे ले जाने के लिए मेक इन इंडिया का स्लोगन पेश रखा था अब वही स्लोगन देश को बीजेपी की नाकामी का स्लोगन बन गया है।

Advertisement

सरकार के लिए रोजगार पैदा करना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। अब एलएंडटी के चेयरमैन और नेशनल स्किल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन के हेड एएम नाईक ने यह कह कर और चिंता बढ़ा दी है कि सरकार की मेक इन इंडिया योजना के तहत ज्यादा नौकरियां नहीं पैदा हो पायी हैं। एएम नाईक इसकी वजह भी बताते हैं और कहते हैं कि कंपनियां देश में बने माल की बजाय विदेशों से माल आयात कर रही हैं।

लाइव मिंट के साथ बातचीत करते हुए एएम नाईक ने कहा कि प्रधानमंत्री की मेक इन इंडिया योजना के बारे में बहुत कहा गया और किया गया, लेकिन हम अभी भी सामान निर्यात करने के बजाय नौकरियां निर्यात कर रहे हैं। इसके साथ ही नाईक ने कहा कि विदेशों से सामान आयात कराने की एक वजह यह भी है कि विदेशों से माल उधार मिल जाता है, जबकि देश की कंपनियों के पास फाइनेंस के ज्यादा विकल्प नहीं हैं, ऐसे में वह उधार माल नहीं दे पाती हैं और इसके चलते कंपनियां विदेशों से माल मंगवाना ज्यादा पसंद करती हैं।

देश में इस वक्त रोजगार की बड़ी समस्या है जिसकी वजह से आर्थिक विकास पर भी काफी बड़ा खतरा मडरा रहा है। देश में चल रही मंदी को लेकर मोदी सरकार अभी भी चुप्पी साधे हुए है। देश में हर साल एक करोड़ युवा जॉब मार्केट में शामिल होते हैं, लेकिन हम अभी उस अनुपात में नौकरियां नहीं पैदा कर पा रहे हैं। जीडीपी में भी गिरावट आयी है और आखिरी तिमाही में यह घटकर 5.8% पर आ गई है। वहीं आने वाले दिनों में इसके और कमजोर होने की आशंका जतायी जा रही है।

एलएंडटी के चेयरमैन एएम नाईक ने कहा है कि अभी हम स्किल्ड लेबर की सप्लाई के साथ कदम ताल नहीं कर पा रहे हैं और इसकी वजह मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में आयी कमजोरी है। नाईक का कहना है कि हमें चीन की तरह तेज विकास करना होगा, क्योंकि हमारी जनसंख्या चीन के लगभग बराबर ही है।


स्किल डेवलेपमेंट की साल 2018 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, योजना के तहत देश के 11,035 ट्रेनिंग सेंटरों में 40 स्किल डेवलेपमेंट प्रोग्राम के जरिए उस साल 3.98 मिलियन युवाओं को ट्रेनिंग दी गई, लेकिन उनमें से सिर्फ 12% को ही रोजगार मिल सका।

नाईक का मानना है कि चीन और अमेरिका के बीच जारी व्यापार युद्ध का भी हम फायदा नहीं ले रहे हैं। नाईक के अनुसार, वियतनाम और थाईलैंड जैसे देश इससे बखूबी फायदा ले रहे हैं और अपना माल निर्यात कर रहे हैं, लेकिन हम यहां भी फायदा नहीं ले पा रहे हैं।

रोजगार की समस्या को मोदी सरकार कब तक सुलझा पाती है यह कहना मुश्किल है। परन्तु बीजेपी सरकार इस बात को मानने से भी इनकार करती रही है की देश में बडी मंदी छाई हुई है। आखिर क्यों अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही है मोदी सरकार ?

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved