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बेरोजगारी पर प्रियंका गाँधी का BJP से बड़ा सवाल, कहा मौन क्यों हो?

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(image credits: zee news)

आज कल सबसे ज्यादा चर्चा में रोजगार और देश में चल रही मंदी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी दावों की पोल खोलती देश की हालत यह दिखा रही है की रोजगार में बड़ी गिरावट आयी है। बीजेपी सरकार देश में चल रही सबसे बड़ी मंदी की बातो को ख़ारिज करते हुए यही बयान देती रही है की यह छोटी मंदी है। परन्तु विशेषज्ञों की रिपोर्ट कुछ और ही दर्शाती है। ऑटो सेक्टर में चल रही मंदी इस समय सबसे बड़ी है। बड़ी बड़ी कंपनियों को डर है की उनकी बची कार कबाड़ न बन जाए। 

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यहाँ तक की बड़ी कंपनियों ने वर्करों की छटनी भी कर दी। करीब 3 लाख लोगो की नौकरियां जा चुकी है परन्तु मोदी सरकार की बात को मानने से इंकार करती रही है। भारत में इकनॉमी के मोर्चे पर मांग की कमी और स्लोडाउन के चलते कई सेक्टर से नौकरियां जाने की खबरें आ रही है। अब इन्हीं खबरों का जिक्र करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है। प्रियंका ने ऑटो इंडस्ट्री में जा रही नौकरियां, नोटबंदी के चलते गई नौकरियों के साथ-साथ खराब होते इकनॉमिक माहौल पर भी बीजेपी सरकार को घेरा है।

प्रियंका गांधी ने नौकरी जाने से जुड़ी खबरों की फोटो ट्वीट करते हुए लिखा की घोर चुप्पी खतरनाक है। कम्पनियों का काम चौपट है। लोगों को काम से निकाला जा रहा है, भाजपा सरकार मौन है। आखिर देश में इस भयंकर मंदी का जिम्मेदार कौन है?

चुनाव के पहले बिजनेस स्टैंडर्स ने बेरोजगारी के 45 साल में सबसे ज्यादा होने को लेकर NSSO के हवाले से रिपोर्ट छापी थी। लेकिन तब सरकार ने उसका खंडन कर दिया। लेकिन चुनाव हो जाने के कुछ दिनों बाद ही फिर से सरकार ने मान लिया कि देश में बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी है। यह रेट 45 सालों में सबसे ज्यादा है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटो मोबाइल मैन्यूफेचर्स की 13 अगस्त को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, देश में कुल कार बिक्री जुलाई में 18.71 फीसदी गिरकर 18,25,148 रही जो जुलाई 2018 में 22,45,223 थी. ये दिसंबर 2000 के बाद कार बिक्री में आयी सबसे बड़ी गिरावट है। उस दौरान कार बाजार में 21.81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी।


इसी तरह जुलाई में पैसेंजर कारों की बिक्री में भी करीब 19 साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गयी है। ये गिरावट लगातार नौवें महीने में दर्ज की गई है. इस दौरान पैसेंजर कारों की बिक्री 30.98 फीसदी घटकर 2,00,790 कार रही है जो जुलाई 2018 में 2,90,931 कार थी।

पिछले तीन माह के दौरान डीलरशिप से दो लाख कर्माचारियों को कम किया गया है। इससे पहले इस साल अप्रैल तक 18 महीने में देश में 271 शहरों में 286 शोरूम बंद हुए हैं, जिसमें 32,000 लोगों की नौकरी गई थी. दो लाख नौकरियों की यह कटौती इसके अलावा है।

हालांकि यह मंदी सिर्फ ऑटो सेक्टर को लेकर नहीं बल्कि कई छोटे कारोबारियों को लेकर भी है। इस पर सरकार का कोई भी जवाब सामने नहीं आ रहा है। 

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