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दलित किशोर द्वारा घर की दहलीज पर पैर रखने से भड़के वकील, मासूम को पेड़ से बांध कर खूब मारा

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(Representational Image) (Image Credits: The Hindu)

योगी राज में फिर एक बार दलित उत्पीड़न की शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है , जहा उत्तर प्रदेश के तरौस मोहल्ले में एक वकील ने मासूम दलित लड़के को घर की दहलीज पर पैर रखने से पेड़ से बांध दिया। दलित किशोर के पैर रखने से भड़के उस वकील ने मासूम को पेड़ से बांध कर उसको खूब मारा। इतना ही नहीं मारने-पीटने के बाद वकील ने यूपी 100 को फोन करके भी बुला लिया। पुलिस टीम ने स्वयं बालक को पेड़ से बंधे देखा तो आवाक रह गई। किशोर के पिता ने वकील के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी है।

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जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के प्रधान सहायक चंद्रपाल रमेड़ी भी तरौस मोहल्ले में रहते है। बुधवार की शाम करीब 4 बजे के आसपास चंद्रपाल का पुत्र अंकुर जिसकी उम्र बस 12 वर्ष की है वह अपने हमउम्र साथियों के साथ खेलते हुए क्षीर सागर गेस्ट हाउस पहुंच गया। वहीं पास में एक अमरूद का पेड़ लगा है। जिसका रास्ता वकील सत्यस्वरूप सिंह के घर से होकर जाता है। अंकुर अमरूद के लालच में सत्यस्वरूप सिंह के मैदान से होते हुआ पेड़ तक पहुंच गया। इसी बीच सत्यस्वरूप सिंह आ गया। अंकुर के पिता चंद्रपाल का आरोप है कि सत्यस्वरूप सिंह ने बालक की जाति पूछी और जैसे ही उसने बताया कि वो अनुसूचित जाति का है, वैसे ही वकील ने उसे पीटना शुरू कर दिया।

मासूम बच्चे से जाति पूछने के बाद आरोपी वकील का गुस्सा फुट पड़ा यदि वह बच्चा सवर्ण समाज से होता तोह वकील को कोई आपत्ति नहीं थी पर अनुसूचित जाति होने का दंश 12 साल के लड़के को भुगतना पड़ा। वकील ने बच्चे को पीटते-पीटते उसे अमरूद के पेड़ के पास ले जाकर बांध दिया। जहां काफी देर तक उसके अंकुर को बांधे रखा और रह-रहकर पीटते रहा। जिससे बच्चा निढाल हो गया। कुछ देर बाद वकील ने स्वयं यूपी 100 को फोन किया। मौके पर जब पुलिस टीम पहुंची तो अंकुर बंधा हुआ था। टीम भी उसके साथ हुए बर्ताव से हैरान थी। बाद में पुलिस टीम ने ही अंकुर को अमरूद के पेड़ से छुड़ाया और अपने साथ ले गई।

पिता ने आरोपी वकील सत्यस्वरूप सिंह के खिलाफ घटना की शिकायत पुलिस थाने में करी है। इस घटना को लेकर पीड़ित के परिजनों में आक्रोश है। कोतवाल केपी सिंह का कहना है कि पिता की शिकायत के आधार पर मारपीट और दलित उत्पीड़न के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी भी होगी। उधर, वकील सत्यस्वरूप सिंह का कहना है कि अंकुर अक्सर अमरूद तोड़ने के चक्कर में उनके यहां घुसता था। इसकी आवाजाही के कारण दीवार और दरवाजे को नुकसान पहुंचा था।


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