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आम्बेडकर साहब की मूर्ति स्थापित करने गए कांग्रेस के नेताओं को किया गिरफ्तार

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(image credits: Zee news)

देश बाबा साहब आंबेडकर के दिखाए रास्ते और उसूलो पर आज चल रहा है वही कई ऐसे भी लोग है जो उनके बताए रास्तो को गलत साबित करने की कोशिश कर रहे है। बाबा साहब आम्बेडकर दलित समाज से सम्बन्ध रखते थे। इस वजह से आज वह दलित समाज के लिए महत्वपूर्ण चेहरा बने हुए है। आज भी लोग उन्हें याद करते है।

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समाज को ना बांटने वाली और साथ रहने वाली भावना को बाबा साहब आम्बेडकर ने उजागर किया था परन्तु आज समाज ने जाति के आधार पर खुद को एक दूसरे से अलग कर दिया है। दलितों पर हो रहे अत्याचार और घटनाओ से समाज में असहजता फ़ैल रही है। परन्तु कई ऐसे लोग है जो आज भी बाबा साहब आम्बेडकर को और उनके ज्ञान को जीवन में लागू करते है।

समाज सुधारक और दलित समाज से भेदभाव का विरोध करके अपनी पहचान बनाने वाले आम्बेडकर की मूर्तियां आज देश के कोने कोने में है। सभी लोग उनकी पूजा भी करते है। दूसरी और दलित समाज से नफरत करने वाले ऊँची जाति के लोग उनकी मूर्तियों को नुक्सान पहुंचाते है। यह मामला लोगो तक नहीं बल्कि राजनितिक भी बन गया है।

आये दिन आम्बेडकर की मूर्तियों को तोडा जाता है। इस पर सरकार का कोई कड़ा रुख सामने नहीं आता। वहीँ एक खबर सामने आयी है जिसमे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए हिरासत में लिए गए।

तेलंगाना में कांग्रेस के नेता वी. हनुमंथा राव और पूर्व सांसद हर्षा कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन पर आरोप है कि वह कथित तौर पर पुंजागुट्टा सेंटर में बीआर अम्बेडकर की मूर्ति लगाने की कोशिश कर रहे थे।


इससे पहले पुंजागुट्टा चौराहे से अंबेडकर प्रतिमा हटाने के विरोध में पूर्व पीसीसी अध्यक्ष वी हनुमंथा राव को पुलिस ने अप्रैल में गिरफ्तार कर लिया था। राव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना करार देते हुए कहा था कि वह तब तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक सरकार पुंजागुट्टा सर्कल के बजाय खैराताबाद में प्रतिमा स्थापित नहीं करती।

एआईसीसी सचिव राव ने राज्य सरकार से अंबेडकर की एक सप्ताह के भीतर हैदराबाद के पंजागुट्टा में 125 फीट ऊंची मूर्ति लगाने की मांग की थी. उन्होंने इसके लिए अनशन की धमकी भी दी थी।

यूँ तो वी. हनुमंथा राव पहले भी विवादों ,में रहे है परन्तु इस बार आम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए हिरासत में लिए गए। सोचने वाली बात यह है की आखिर आम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने के लिए उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया। जहाँ दलित समाज के लिए आम्बेडकर की मूर्ति का महत्त्व उनके जीवन से भी ज्यादा हो वहां मूर्ति स्थापित करने में मुश्किलें खड़ी कर रही है।

इस घटना के चलते लोगो और कांग्रेस नेताओं में गुस्सा है। आखिर दलित समाज के भला कर रहे नेता के साथ इस प्रकार का सुलूक क्यों किया गया।

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