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उन्नाव मामले में ट्रक कंपनी मैनेजर ने किया खुलासा, ट्रक मालिक की बढ़ी मुश्किलें

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(image credits: Hindustan Times)

उन्नाव मामले से जुड़े ट्रक का नंबर प्लेट छिपाने को लेकर एक और बात सामने आती दिख रही है। सड़क दुर्घटना में इस्तेमाल हुए ट्रक का नंबर प्लेट पर कालिख पुते होने के कारण यह मामला और भी गहराता जा रहा है। हालांकि ट्रक के मालिक देवेंद्र किशोर पाल ने यह बात कही थी की, फाइनेंस के दबाव से बचने के लिए उसने नंबर प्लेट पर कालिख पोती थी।

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वहीं फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन मैनेजर ने ट्रक मालिक के बयान को इंकार कर दिया है। टेलीग्राफ की खबर के अनुसार,कानपुर कंपनी के कलेक्शन मैनेजर ने कहा की, ट्रक के लोन की किस्त समय पर मिल रही थी। बात दें की इस घटना के बाद ट्रक मालिक को हिरासत में ले लिया गया था।

हिरासत में पूछताछ के दौरान देवेंद्र ने बताया था कि उसने प्राइवेट फाइनेंस से लोन लेकर ट्रक को खरीदा था। बाद में वह लोन नहीं चुका पा रहा था। इसके बाद उसने नंबर प्लेट पर इसलिए कालिख पोत दी थी कि फाइनेंसर ट्रक को पहचान ना सके। वहीँ जब स्थानीय मीडिया ने इस बारे में कलेक्शन मैनेजर से कहा कि देवेंद्र किशोर पाल समय पर ईएमआई चुका रहा था, तो नाम नहीं बताने की शर्त पर कलेक्शन मैनेजर ने कहा कि हमने देवेंद्र किशोर के तीन ट्रकों के लिए फाइनेंस किया है। उसने हाल ही में एक ट्रक की किश्त पूरी तरह से चुका दी है। बाकि दो ट्रकों की किस्त भी वह समय पर दे रहा था।

मैनेजर ने यह बात साफ़ कर दी है की जब वह समय पर ईएमआई चुका रहा था तो ट्रक के नंबर प्लेट को ढंकने का कुछ और कारण रहा होगा।

इससे पूर्व सीबीआई सूत्रों ने बताया की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऐसा लगता है कि ट्रक-कार की टक्कर जानबूझकर की गई है। मालूम हो की इस घटना में पीड़िता के रिश्तेदार प्रभावित हुए। वहीं पीड़िता और उसके वकील की हालत भी काफी गंभीर है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में इन दोनों का इलाज चल रहा है।


उन्नाव घटना में आरोपी 55 वर्षीय बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को भले ही पार्टी ने सस्पेंड कर दिया है। लेकिन जब तक पार्टी स्पीकर को सेंगर को अयोग्य घोषित करने के लिए पत्र नहीं लिखती है तब तक वह विधायक बने रहेंगे। इसका मतलब अभी भी बीजेपी ने उनके ऊपर पूरी तरह से कार्रवाई नहीं किया है।

यहाँ हमे यह ध्यान देना होगा की विपक्षी पार्टियों के दबाव के कारण एक एक करके इस मामले से जुडी एक एक सच्चाई सामने आने लगी है। और अगर इन विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हवा नहीं दी होती तो, शायद ही मौजूदा सरकार इस मामले में इस प्रकार कार्रवाई करती।

वैसे देखा जाये तो सीबीआई की शुरुआती जाँच में यह सामने आ चूका है की कार और ट्रक की टक्कर जानबूझ के करवाई गई है। तो इससे यह तो शाबित हो जी जाता है की इस घटना के होने के पीछे कौन से कारण है।

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