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उत्तर प्रदेश: डॉ भीमराव आम्बेडकर की प्रासंगिकता को खत्म करने की रची जा रही है साजिश

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(Image Credits: Swarajya)

निहोरगंज में संविधान सम्मान दिवस कार्यक्रम में मौजूद प्रोफेसर डॉ. इंदु चौधरी ने कहा, जब हम लोग आगे बढ़ने की कोशिश करते है तो हमें मोड़ दिया जाता है। उन्होनें कहा कि बाबा साहेब डाक्टर भीमराव आम्बेडकर की प्रासंगिकता को समाप्त करने की साजिश रची जा रही है। जो संविधान रच कर राष्ट्र को उन्होनें दिया उसमें परिवर्तन करने का कुचक्र रचा जा रहा है।

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प्रोफेसर ने आगे कहा की 14 अप्रैल बीत जाता है और एक छोटी सी खबर बना दी जाती है। उन्होनें कहा 85 प्रतिशत लोग जाति-पाति में बंटे होने के कारण सत्ता से दूर हो जाते हैं। जबकि 15 प्रतिशत लोग ही सत्ता पर प्राय काबिज रहें है।

प्रोफेसर इंदु ने कठुआ घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उससे जिस प्रकार की हैवानियत की गई थी उससे हमें इस बात का काफी खेद है। किन्तु हमें यह पूरी उम्मीद है कि बाबा साहब के बनाए संविधान के तहत उसके हत्यारों को जरूर सजा मिलेगी। वो कहती हैं कि आज के समय में ढोंग और पाखंड का बोलबाला है, इसका ध्यान अवश्य ही रखें कि कहीं अधिकार से वंचित न कर दिए जाओ।

मनुवादी शक्तियां संविधान को नष्ट करके अपना राज कायम करना चाहती हैं। हम सबको मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि इन शक्तियों से अपने संविधान को बचाए रखें। उन्होनें बसपा प्रमुख मायावती का जिक्र करते हुए कहा कि 62 साल की आयु में भी वह हमें मजबूत करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं।

प्रोफेसर ने कहा कि दलित पिछड़े और मुसलमान मिलकर 85 प्रतिशत होते हैं, किन्तु यह जाति-पाति में बंटे होने के कारण सत्ता से दूर हो जाते है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई मनुवादी शक्तियों से है, मुसलमानों से नहीं।


हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि हम 2019 के चुनाव में संभलकर मतदान करें। इस अवसर पर हजारों महिलाओं और पुरुषों के साथ इंजीनियर महेन्द्र, सैयद कंबर हुसैन, नारायण भारती, संतोष, विद्या प्रधान ,राम वचन आदि लोगों ने विशेष रूप से अपनी उपस्थिति दी।

(News Source: Amar Ujala)

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