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उत्तर प्रदेश: सहारनपुर में आंबेडकर की मूर्ति तोड़ने पर विरोध में लाठी-डंडे हथियार लेकर सड़कों पर उतरे दलित

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(image credits: naidunia)

बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की खबर आये दिन सामने आती रहती है। ज्यादतर मामले उत्तर प्रदेश से देखे जा सकते है। इसी प्रकार एकबार फिर उत्तर प्रदेश से ही ऐसा मामला सामने आया है। दरअसल सहारनपुर जिले में कुछ शरारती तत्वों ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को खंडित कर दिया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

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यह मामला थाना देहात कोतवाली के अंतर्गत बेहट रोड स्थित घुन्ना गांव से जुड़ा है। पुलिस ने बताया की मंगलवार (10 सितंबर) की सुबह जैसे ही कुछ लोगों की नजर खंडित मूर्ति पर पड़ी तो दलित समाज के लोगों मे रोष व्याप्त हो गया। आपको बता दें कि प्रदेश में भीमराव आंबेडकर के विचारों को लेकर अकसर कहा सुनी के साथ झड़प होते रहती है। ऐसे में उनकी मूर्ती के साथ इस प्रकार की हरकत निंदनीय है।

वहीं इस घटना के बाद दलित समाज के लोगो ने इसका जमकर विरोध किया है। घटना से दुखी हुए दलित समाज के लोग लाठी-डंडे तथा हथियार लेकर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बताया, ‘महिलाओं-पुरुषों सहित बाबा साहब के समर्थकों ने मूर्ति खंडित किए जाने के विरोध में मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से हटने का अनुरोध किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।’ वहीं एसएसपी ने बताया, ‘पुलिस उन शरारती तत्वों की तलाश कर रही है जिन्होंने बाबा साहब की मूर्ति को खंडित करने का काम किया है।’

पुलिस ने आगे बताया ‘ग्रामीणों के सहयोग से मौके पर बाबा साहब की दूसरी मूर्ति स्थापित की जा रही है।’ इसके साथ ही एसएसपी ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह बताया, ‘जिन लोगों ने सोशल मीडिया पर झूठी अफवाह फैलाने तथा भ्रामक प्रचार करते हुए शहर के शान्तिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया है उनके विरुद्ध पुलिस कार्रवाई करेगी।’

मुख़्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकार में राज्य में बार बार इस तरह की घटनाओं का होना, कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। गौर करने वाली बात है की समाज में शरारती तत्वों द्वारा सिर्फ आंबेडकर की मूर्ति को ही क्यों नुकसान पहुँचाया जाता है। प्रसाशन ज्यादातर समय ऐसे मामलो को गंभीरता से न लेते हुए सख्त कार्रवाई करने से बचता है। देखा जाये तो कुछ असामजिक तत्वों द्वारा इस तरह की घटनाओ को अंजाम देने से समाज में शांति प्रभावित होती है।


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