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बसपा प्रमुख मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना

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(Image Credits: Patrika)

लोकसभा चुनावों के बीच जब देश में आचार संहिता लागु है तब पीएम नरेन्द्र मोदी वज्ञानिकों की कामयाबी को अपनी सरकार की उपलब्धी से जोड़कर मुस्किल में फंस गये है, पीएम नरेन्द्र मोदी विपक्षी दलों के निशाने पर आ गये है साथ ही चुनाव आयोग ने भी प्रधानमंत्री के इस बयान की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया है. वहीँ इसको लेकर बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने भी पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला है.

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दरअसल बीते बुधवार को पीएम नरेन्द्र मोदी ने पहले अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी दी कि वो 11 बजकर 45 मिनट पर एक बड़ा ऐलान करेंगे, जिसके बाद से मीडिया में इस बात की बेहद गर्मजोशी से चर्चा होने लगी की मोदी जी आखिर क्या एलन करने वाले है, लोग मिनट दर मिनट बेसब्री से इन्तजार करने लगे, कुछ लोगों को तो यह भी डर था की मोदी जी नोटबंदी जैसा फिर कोई फरमान ना सुना दें, बहराल ऐसा कुछ ऐलान नही किया, इस सम्भोधन में प्रधानमंत्री जी ने वज्ञानिकों की सफलता को गिनाया, पीएम ने अपने सम्भोधन में कहा कि भारत ने अपना नाम अंतरिक्ष इतिहास में दर्ज करा लिया है।

भारत ने तीन मिनट में अंतरिक्ष में लो अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट को मार गिराया। यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। अब तक दुनिया के तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल थी।

पीएम के इस संबोधन के बाद तमाम राजनीतिक दिग्‍गजों ने वैज्ञानिकों को बधाई दी लेकिन पीएम मोदी के देश के नाम इस संदेश पर सवाल भी उठाया। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया और कहा कि पिछले अनुभव साबित करते हैं कि बीजेपी के नेतागण नये-नये तरीकों से चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के माहिर व बदनाम रहे हैं और कल फिर बिना पूर्व अनुमति के ही पीएम श्री मोदी ने देश को सम्बोधित किया जबकि कोई इमरजेन्सी नहीं थी। उन्होंने आगे कहा कि देश सांस रोके परेशान रहा। आयोग कृप्या सख्ती करे।

इसके आलावा बीएसपी सुप्रीमो ने एक और ट्विट किया जिसमे उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा पीएम श्री मोदी के कल के भाषण की जांच के लिए कमेटी बनाना अच्छी बात है लेकिन प्रश्न यह है कि आयोग की बिना पूर्व अनुमति के पीएम ने देश के नाम प्रसारण क्यों और कैसे किया जबकि देश में इमरजेन्सी जैसे कोई हालात नहीं थे। उन्होंने साफतौर पर कहा कि यह चुनावी लाभ लेने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है।


इससे पहले बीएसपी सुप्रीमों ने भी ट्वीट करके वैज्ञानिकों को इस सफलता के लिए बधाई दी थी और चुनाव आयोग से इस संदेश पर मोदी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्‍होंने लिखा था कि भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में सेटेलाइट मार गिराए जाने का सफल परीक्षण करके देश का सर ऊंचा करने के लिए अनेकों बधाइयां। मगर इसकी आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनावी लाभ के लिए राजनीति करना अति-निंदनीय है। चुनाव आयोग को इसका सख्त संज्ञान जरूर लेना चाहिए।

आपको बता दे कि चुनाव आयोग इस बात की जांच करेगा कि उपग्रह भेदी मिसाइल के सफल इस्तेमाल की जानकारी देश को देने के लिये पीएम मोदी का संबोधन चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में है या नहीं। आयोग ने इसके लिये एक समिति का गठन किया गया है। आयोग ने वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि का राजनीतिक इस्तेमाल कर चुनावी लाभ लेने के लिये प्रधानमंत्री द्वारा देश को संबोधित करने की विभिन्न दलों की शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच के लिये समिति का गठन किया है। आयोग का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश को संबोधित करने का मामला आयोग के संज्ञान में लाया गया है। आयोग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच अधिकारियों की समिति गठित कर तत्काल इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

आयोग ने इसके लिये एक समिति का गठन किया गया है। आयोग ने वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि का राजनीतिक इस्तेमाल कर चुनावी लाभ लेने के लिये प्रधानमंत्री द्वारा देश को संबोधित करने की विभिन्न दलों की शिकायत मिलने के बाद इसकी जांच के लिये समिति का गठन किया है। आयोग का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से देश को संबोधित करने का मामला आयोग के संज्ञान में लाया गया है। आयोग ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बीच अधिकारियों की समिति गठित कर तत्काल इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

अब ऐसे में सवाल यही है की क्या लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी का यह संभोधन राजनिक लाभ लेने के लिए था, और फिर मोदी जी को यह जानकारी देने के लिए पहले से सोचित कराने की क्या जरुरत थी साथ ही देश की जनता को पीएम का संभोधन सुनने के लिए इतना परेशान सा करने की क्या जरुरत थी. हलाकि पुलवामा हमले के दौरान इंडियन आर्मी के द्वारा बालाकोट हमले का भी बीजेपी सरकार ने खूब सियासी फायदा उठाने की कोशिश की थी. अब ऐसे में देखना होगा की चुनाव आयोग मोदी जी के इस बयान को लेकर क्या करवाई करता है और किस नतीजे पर पहुँचता है.

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