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बीजेपी समर्थक ने लोगो की उंगली पर स्याही लगाकर दी 500 रूपए की रिश्वत, कहा- अब वोट देने मत जाना

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(Image Credits: Hindustan Times)

लोकसभा चुनाव ख़त्म हो चुके है परन्तु चुनाव से जुड़े कई विवाद अभी भी सामने आ रहे है जिनमे अधिकतर EVM और जबरदस्ती वोट दिलवाने जैसे मामले सामने आ रहे है। यह मामले सभी पार्टियों के खिलाफ नहीं बल्कि बीजेपी के खिलाफ है। बीजेपी पार्टी से जुड़े यह मामले तूल पकड़ते नजर आ रहे है। EVM में गड़बड़ी, तो कही मतदाताओं की मदद के बहाने बीजेपी को वोट डालना और तो कही चुनाव की गिनती में गड़बड़ी करने का शक यह सभी बाते सिर्फ भाजपा सरकार से जुडी नजर आती है।

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कई ऐसे क्षेत्र है जहाँ के लोगो ने बीजेपी के खिलाफ अपनी आपबीती भी सुनाई है। भजप सरकार पर इस समय कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे है। कुछ लोगो को पैसे दिए गए तो किसी को किसी और चीज़ का लालच। ऐसे में बीजेपी सरकार के लोगो ने वोट के खातिर लोगो खरीदने की कोशिश करते रहे। परन्तु कई ऐसे ईमानदार लोग है जिन्होंने लोकतंत्र का सम्मान किया और फर्ज निभाते हुए सही तरीके से वोट किया।

2019 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के ऐलान से पहले उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों ने लोकतंत्र के प्रति ईमानदारी की मिसाल पेश की है। शराब, पैसे, साड़ी, बिछिया के लालच में बिकते वोटों के बीच उत्तर प्रदेश के चंदौली लोकसभा क्षेत्र में छह ऐसे दलित सामने आए हैं, जिन्हें वोटिंग के लिए कथित तौर पर रिश्वत भी ऑफर की गई थी और धमकी भी दी गई। लेकिन उन्होंने सबकुछ वापस कर के यह कह दिया, ‘अपने पैसे वापस ले जाओ, हम अपना वोट नहीं बेचते।

चंदौली के जीवनपुर गांव के रहने वाले एक 64 वर्षीय पनारू राम उन्ही छह लोगों में शामिल हैं जिन्हे रिश्वत देने की की कोशिश की थी । उनका कहना है कि गांव के पूर्व प्रधान और बीजेपी समर्थक छोटेलाल तिवारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उंगली पर जबर्दस्ती वोटिंग के बाद लगने वाली स्याही लगायी और 500 रुपए देकर कहा की अब वोट मत देने जाना। इसके बाद इन छह लोगों ने इसकी जानकारी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को दी। इस शिकायत के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और पुलिस से कार्यवाही की मांग की।

आखिरी चरण की वोटिंग के दिन रविवार यानी 19 मई को ये सभी लोग वोट देने गए। इस बार उनके बाएं हाथ की उंगली पर स्याही लगाई गई। वोट देने वाले राम नाम के शख्श कहते हैं, ‘सीधे हाथ की उंगली में लगी स्याही नकली है, उल्टे हाथ में लगी असली है।’


चंदौली एसपी संतोष कुमार सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि पुलिस ने 18 मई को तिवारी और उनके साथियों कटवारू तिवारी और डिंपल तिवारी के खिलाफ केस दर्ज किया। सभी के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 171एच, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहज केस दर्ज हुआ है। पुलिस ने इस मामले के तहत छोटेलाल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

परन्तु इस मामले में कटवारू और डिंपल फरार हैं। मुगलसराय के एसडीएम कुमार हर्ष का कहना है की, ‘हमने मामले को संज्ञान में लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।’ वहीं स्थानीय बीजेपी नेताओं ने घटना में शामिल होने की बात से इनकार कर दिया है। राम ने कहा, ’18 मई को रात करीब 9 बजे अलीपुर पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाली दलित बस्ती में तिवारी और उनके साथियों के पहुंचने की जानकारी सबसे पहले उनकी बहू गीता देवी ने दी थी।’

पीड़ित छह लोगों में 38 वर्षीय नौरंगी देवी भी शामिल हैं। उन्होंने बताया की, ‘हम सोने वाले थे तभी गांव के पूर्व प्रधान पहुंचे। ईंट के भट्टे पर काम करने वाले मेरे पति बंसीधर राम भी उस वक्त घर पर थे। तिवारी ने जमीन पर 500 रुपए का नोट फेंका और हम कुछ समझ पाते उससे पहले ही एक-एक करके हमारी उंगली पर स्याही लगा दी।’

जीवनपुर निवासियों का कहना है कि सपा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद उन्हें वोट देने दिया गया। बादामी देवी ने भी कहा की , ‘हम सभी को वोट देने दिया गया लेकिन तिवारी ने जो किया वह अस्वीकार्य है। हम सभी को वोट देने का अधिकार है।’ जीवनपुर में 1200 की आबादी है, इनमें से करीब 400 दलित हैं।

कॉलेज के छात्र बिपिन कुमार का कहना था की, ‘हम सभी के पास राशन कार्ड है लेकिन कुछ को ही उज्ज्वला और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ मिल पाता है। हमारे पास बिजली का मीटर है लेकिन वो सिर्फ लंबे-चौड़े बिल बनाता है।’

2014 में बीजेपी ने सपा से यह लोकसभा सीट जीत ली थी। मौजूदा चुनाव में चंदौली से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी संजय चौहान का कहना है कि छह दलितों को प्रदर्शन के बाद वोट देने दिया गया। लेकिन इस मामले में प्रशासन को एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ऐसे कई लोग होंगे जिनकी उंगली पर जबर्दस्ती स्याही लगा दी गई होगी।’ चंदौली जिले के बीजेपी प्रमुख सर्वेश कुशवाहा ने सपा कार्यकर्ताओं पर हताशा में प्रदर्शन करने का आरोप लगाया।

पीड़ितों ने यह भी कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद वोट देने की अनुमति दी गई। चंदौली गाँव की रहने वाली 49 वर्षीय बादामी देवी ने कहा, ‘जब तिवारी घर में घुस रहे थे, तो उनके दो साथी दरवाजे पर खड़े रहे। मेरी बेटी किरन ने मुझे आवाज दी। लेकिन जब तक मैं उठ पाती तिवारी ने मेरी उंगली पर स्याही लगाई और 500 रुपए का नोट दे कर चले गए।’

रात करीब 10 बजे सभी गांव वाले एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। पीड़ितों में शामिल सुदर्शन राम ने कहा, ‘हम पुलिस चौकी गए जहां पहले हमारी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। लेकिन स्थानीय मीडिया आया और हमें अलीपुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।’ एफआईआर में शिकायतकर्ता बीरेंद्र ने कहा, ‘जब हमने विरोध किया तो छोटेलाल तिवारी ने जातिसूचक गालियां दीं। उन्होंने हमें जान से मारने की धमकी भी दी। हम भयभीत हैं।’ पीड़ितों ने तिवारी को चंदौली से बीजेपी प्रत्याशी महेंद्र नाथ पांडेय का करीबी बताया।

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