fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

मोदी सरकार में देश के युवाओ पर गहरा संकट, यह आंकड़े कर देंगे साबित

Modi-government-will-have-a-deep-crisis-on-the-youth-of-the-country,-this-figure-will-prove
(image credits: Moneycontrol)

देश में अभी अभी एक बार फिर मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बनी है। बीजेपी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुमत से जीत हासिल की उसे साल 2014 से ज्यादा सीटें मिली हैं। बीजेपी को इस चुनाव में 303 सीटें मिली हैं और सरकार के बनने के एक दिन बाद ही मोदी सरकार की नाकामयाबियां का एक और आंकड़ा सामने आया है।

Advertisement

मोदी की पिछली पांच साल के नेतृत्व वाली सरकार में बेरोज़गारी को लेकर लगातार चौकाने वाले आकंड़े सामने आते रहे जिसे मोदी सरकार ने कई बार छिपाने की भरपूर्ण कोशिश की पर अत्यधिक दबाव के कारण आंकड़े प्रस्तुत करने पड़े। हाल ही में एक और आंकड़ा सामने आया है। श्रम मंत्रालय ने शुक्रवार को बेरोजगारी के आंकड़े जारी किए।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल अपने 57 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में सरकार ने ये आंकड़े जारी नहीं किए थे। लेकिन उस समय ये आंकड़े लीक हो गए थे। सरकार ने तब इन आंकड़ों को नकार दिया था। श्रम मंत्रालय ने माना क 2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही। बेरोज़गारी की बढ़ती दर में सबसे महत्वपुर्ण कारण नोटेबंदी को माना जा रहा है।

ये आकंड़े मोदी सरकार की शपथ के एक दिन बाद जारी हुए हैं। साल 1972-73 के बाद ये बेरोजगारी दर सबसे अधिक है। नौकरियों के संकट और कृषि क्षेत्र में चिंता के बीच एनडीए सरकार ने वापसी की है। मुख्य सांख्यिकीविद् प्रवीण श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से कहा कि ये एक नया डिजाइन है। इन आंकड़ों के संबंध में मेथड में बदलाव के कारण इनकी तुलना पिछले आंकड़ों से नहीं की जा सकती हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में रोजगार की चाहत रखने वाले 7.8 फीसदी युवा बेरोजगार हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह आंकड़ा 5.3 फीसदी है।

सांख्यिकी मंत्रालय ने यह भी कहा कि दिसंबर 2018 में समाप्त होने वाली तिमाही के लिए शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम भागीदारी दर 19.5 प्रतिशत थी, जबकि पुरुषों के लिए यह 73.6 प्रतिशत थी। यानि महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में बेरोजगारी दर अधिक है। वहीं आज साल 2018-19 के चौथी तिमाही के आकंड़े भी सामने आए। इसमें चौथी तिमाही में जीडीपी 5.8 फीसदी दर्ज हुई। 17 तिमाहियों में इसकी सबसे धीमी गति है और लगभग दो वर्षों में पहली बार जीडीपी चीन से पिछड़ गई है।


इस साल जनवरी आखिरी में अग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड ने ये आंकड़े जारी किए थे। तब उसने कहा था कि अभी ये आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस रिपोर्ट को जारी ना करने पर राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी ने इस्तीफा दे दिया था। पीसी मोहनन एनएससी के कार्यकारी अध्यक्ष भी थे। पीसी मोहनन ने आरोप लगाया था कि एनएससी की मंजूरी के बाद भी सरकार इसे जारी नहीं कर रही है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved