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कांग्रेस समेत 21 विपक्षी दल जायेंगे चुनाव आयोग, मतगणना के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने के लिए करेंगे आग्रह

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(Image Credits: India Today)

लोकसभा चुनाव ख़त्म होने के बाद जहाँ एक तरफ बीजेपी एग्जिट पोल को ही असली चुनाव के नतीजे मानकर जीतने की खुशी मना रही है। वहीँ दूसरी ओर विपक्षी पार्टियों 23 मई को परिणाम आने का इंतजार कर रही है। इसी बीच चुनावी नतीजे आने से पहले कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता की मंगलवार को अनौपचारिक मुलकात होने वाली है। बैठक के बाद सभी दलों के प्रतिनिधि चुनाव आयोग का रुख करेंगे।

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दरअसल पिछले कई महीनो से ही EVM को लेकर विपक्षी पार्टिया मौजूदा सरकार की नीयत पर सवाल उठाती आई है। इसके साथ ही evm के मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर भी दस्तक दी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने EVM और वीवीपीएटी के संदर्भ में आदेश दिए।

बैठक के बाद विपक्षी दल चुनाव आयोग से आग्रह करेंगे की, मतगणना के दौरान वीवीपीएट का पर्चियों का मिलान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किया जाए। विपक्षी नेताओं की इस अनौपचारिक मुलाकात में कांग्रेस की ओर से अहमद पटेल एवं गुलाम नबी आजाद, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, राकांपा के शरद पवार, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा और बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा सहित कई नेता शामिल हो सकते हैं।

विपक्षी दलों ने कहा अगर किसी बूथ की पर्चियों का सही मिलान नहीं होता है तो पूरे संसदीय क्षेत्र की वीवीपीएटी पर्चियों की गिनती की जानी चाहिए। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से EVM को लेकर एक ट्वीट करा गया जिसमे लिखा, अभी-अभी बिहार के सारण और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र स्ट्रोंग रूम के आस-पास मँडरा रही EVM से भरी एक गाड़ी जो शायद अंदर घुसने के फ़िराक़ में थी उसे राजद-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा। साथ मे सदर BDO भी थे जिनके पास कोई जबाब नही है। सवाल उठना लाजिमी है? छपरा प्रशासन का कैसा खेल?

हालांकि, इसके बाद छपरा से राजद प्रत्याशी चंद्रिका राय के पोलिंग एजेंट लाल बाबू यादव और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने वेयरहाउस पहुंच कर इसकी जाँच की। जिसमे पता चला की, यहां से 12 कंट्रोल यूनिट, बैलट यूनिट व वीवीपैट को प्रशिक्षण के लिए ले जाया गया था।


बता दें की विपक्षी पार्टी के नेता मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पिछले कुछ दिनों से विपक्षी एकजुटता के लिए लगातार मुलाकात कर रहे हैं। नायडू ने सोमवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से भी मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, शरद पवार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती से भी मुलाकात की थी।

वहीं EVM को लेकर विपक्षी दल माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने एक ट्वीट में कहा, ‘वीवीपीएटी और ईवीएम मिलान के मामले में अंतर रहने की स्थिति के बारे में चुनाव आयोग ने अब तक प्रक्रिया निर्धारित नहीं की है। एक भी ईवीएम, वीवीपीएटी नमूने में अंतर रहने पर चुनावी प्रक्रिया की सत्यनिष्ठा को बरकरार रखने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में सभी वीवीपीएटी की गिनती होनी चाहिए।’

लोकसभा चुनाव के लिए देश के सभी राज्यों में सात चरण में मतदान हुए। जिसका परिणाम 23 मई को आएगा। दरअसल, विपक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि हर विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले किन्हीं पांच बूथों पर वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान किया जाएगा। परन्तु कांग्रेस एवं कई अन्य विपक्षी पार्टियां लगातार यह मांग उठा रही थी कि, कम से कम 50 फीसदी वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान किया जाए।

इस चुनाव के दौरान देश भर में कई जगह EVM में खराबी और कुछ जगह बूथ कैप्चरिंग जैसे मामले भी सामने आये। EVM को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी पर काफी आरोप लगाए। देखा जाए तो विपक्षी दलों का बीजेपी पर आरोप लगाना स्वभाविक है, क्यूंकि मौजूदा सरकार में ही देश में चुनाव के दौरान EVM में ज्यादातर गड़बड़ी पाई गई। जिसे बीजेपी द्वारा नाकार देना उचित नहीं होगा।

देश में पहले भी चुनाव हुए लेकिन EVM को लेकर इतने अधिक सवाल कभी भी नहीं उठाए गए। जिससे पता चलता है कहीं न कहीं कुछ तो गलत है। खैर अब देखना यह है की 23 मई को मतगणना के दौरान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक वीवीपीएटी की पर्चियों और EVM का मिलान किया जाएगा या नहीं।

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