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UP में NRC लागु करने पर सीएम योगी को छोड़ना होगा प्रदेश, अखिलेश यादव ने बताई यह वजह

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(image credits: jagran.com)

हाल ही में उत्तर पूर्वी राज्य असम में (NRC नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन्स) लागू होने के बाद, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे अपने राज्यों में लागु करने की बात कही। वहीं कुछ विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर मौजूदा सरकार पर निशाना भी साधा।

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कुछ इसी प्रकार समाजवादी पार्टी के नेता व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने NRC को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने इसे डराने की राजनीति का जरिया बताया। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में एनआरसी की कार्रवाई की गयी तो सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश छोड़ना पड़ेगा।

न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, सपा नेता से NRC पर योगी के बयान पर पूछे जाने पर संवाददाताओं से बात करते है हुए कहा, अगर यूपी में होगा तो सबसे पहले उन्हें (योगी) ही वापस जाना होगा। वह तो उत्तराखण्ड के मूल निवासी हैं।

हमारे लिये तो आप यह अच्छी खबर बता रहे हैं। उन्होंने कहा, एनआरसी केवल डराने की राजनीति है। पहले ‘बांटो और राज करो’ होता था। अब डर की राजनीति हो रही है। हमने बांटने वालों को तो भगा दिया। अब हम सब मिलकर जनता को समझाएंगे तब ये डराने वाले लोग भी सरकार से हट जाएंगे।

इसके साथ ही उन्होंने NRC को कश्मीर से जोड़ते हुए कहा, बात यह है की क्या कश्मीर में घरों में बीमारों को इलाज मिल रहा है या नहीं? बच्चे स्कूल जा रहे हैं या नहीं। सरकार कह रहे हालात सामान्य है।


उन्होंने कहा अगर सबकुछ ठीक है तो वहां बंदिशे क्यों है। आगे उन्होंने कहा कि भाजपा पाकिस्तान का नाम लेकर वोट मांगती है और उसी पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान की इजाजत नहीं दी।

बता दे की NRC से बाहर हुए लगभग 19 लाख लोगो को बहुत से परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। वही मानव अधिकारों के लिए अंतराष्ट्रीय संस्था ने UNHRC ने भी भारत में मानवधिकारों की रक्षा को लेकर सवाल खड़े किये।

बीजेपी मंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा में बीजेपी सरकार द्वारा nrc लागू करने के बारे में चर्चा करना फिलहाल के लिए सही नहीं लग रहा है। हा अगर सरकार इसे भविष्य में लागू भी करती है तो उन्हें यह ध्यान रखना होगा की यह असम की तरह ही विवादित न बन जाये। बता दे की असम में विदेशी लोगो की कुछ सूची में ऐसे भो लोगो के नाम शामिल थे जो देश के ही नागरिक है। केंद्र सरकार को सभी नागरिको से संबधित सभी बारीकियों को ध्यान में रखकर ही NRC जैसा बड़ा फैसला लेना चाहिए।

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