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मायावती से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, जानिए क्या कहा अखिलेश ने

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(Image Credits: The Asian Age)

चुनाव ख़त्म होने के बाद ही एग्जिट पोल शुरू हो गए ,एग्जिट पोल के जरिये जित की आस लगायी जा रही है। वही सबसे ज्यादा आस सपा-बसपा गठबंधन से लगाई जा रही है। एग्जिट पोल और सर्वे में भी यह सामने आया है की इस बार यूपी में बीजेपी नहीं जबकि सपा-बसपा गठबंधन अपना कब्ज़ा जमायेगी। इस बार बीजेपी सरकार का यूपी में जीतना काफी मुश्किल नजर आ रहा है।

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लोकसभा चुनाव के गिनती से पहले हुए एग्जिट पोल के नतीजों के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की है। उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा एकसाथ बीजेपी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं वहीं, एबीपी न्यूज-निलसन के आंकड़े तो चौंकाने वाले हैं. इस सर्वे ने एग्जिट पोल में सपा-बसपा को 56 सीटें और बीजेपी को 22 सीटें मिलने का दावा किया है।

ऐसे में मायावती की चुनाव नतीजे से पहले अखिलेश यादव से मिलना कुछ नया संकेत दे रहा है। फिलहाल केन्द्र की अगली सरकार के गठन के मकसद से गठबंधन बनाने की कोशिश में तेलुगुदेशम पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू भी शनिवार शाम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से मिले। राजधानी के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नायडू सीधे विक्रमादित्य मार्ग स्थित सपा कार्यालय की तरफ रवाना हुए। सपा कार्यालय पहुंचने पर अखिलेश ने उनका जोरो शोरो से स्वागत किया। इस दौरान बडी संख्या में सपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

अखिलेश ने इस मुलाकात के बारे में ट्वीट किया था, ”सम्माननीय मुख्यमंत्री श्री एन चंद्रबाबू नायडू जी का लखनऊ में स्वागत कर प्रसन्नता हुई.” सपा सूत्रों ने बताया कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों का मजबूत गठबंधन तैयार करने को लेकर दोनों नेताओं के बीच संभवत: चर्चा हुई है। अखिलेश से मुलाकात के बाद नायडू सीधे मायावती के माल एवेन्यू आवास के लिए निकल पड़े, जहां बसपा सुप्रीमो ने उनका भव्य स्वागत हुआ। दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया।

देखा जाए तो चुनाव नतीजे से पहले इस तरह मिलना यह साफ़ जाहिर करता है की पार्टी की जीत पहले ही तय है और अब बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाने की पूरी कोशिश है। चुनाव मतगड़ना से दो दिन पहले यह मुलाकाते विपक्षी पार्टियों को परेशान कर सकती है।


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