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दलित वोट पाने के लिए कांग्रेस ने इस्तेमाल किया बाबा साहेब आम्बेडकर का नाम

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(Image Credits: The Indian Express)

हम अक्सर बीजेपी के नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा, राज्य के सरकारी योजनाओं और प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बदलने के बारे में सुनते रहते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, क्यूंकि जब वोट बैंक और अपने फायदे की बात आती है तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां कही न कहीं एक समान ही व्यवहार करती दिखाई देती है। और खासकर जब दलितों के वोट की बात आती है तो सरकार कुछ भी करने से पीछे नहीं हटती है।

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ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार द्वारा किया गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पांच योजनाओं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाकर और उनमें डॉक्टर भीमराव आंबेडकर और राजीव गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम जोड़ दिया है। लगता है की कांग्रेस भी भाजपा सरकार की तरह ही दलित वोट को आकर्षित करने के लिए बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर के नाम का सहारा लेना चाहती है।

इस मामले में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया, राज्य शासन ने दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी स्वावलंबन योजना कर दिया है। वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना का नाम बदलकर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना कर दिया जाएगा।

इतना ही नहीं सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय LED पथ प्रकाश योजना को बदलकर इंदिरा प्रियदर्शिनी LED पथ प्रकाश योजना कर दिया है। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र योजना का नाम राजीव गांधी आजीविका केंद्र योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना का नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी शुद्ध पेयजल योजना कर दिया है।

कांग्रेस सरकार के इस फैसले की विपक्षी पार्टी भाजपा ने कड़ी निंदा की है। राज्य में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलने पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है। वहीँ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा की पार्टी की योजनाओं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाने पर वह विधानसभा में अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।


इसके साथ उन्होंने सवाल किया की, सरकार ने इन योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या किया? यदि बिना प्रावधानों के सिर्फ नाम बदला गया है तो यह ‘बदलापुर की नई कड़ी है.’ सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जान-बूझकर सभी योजनाओं के नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बदले हैं. यह उनकी मानसिकता को दिखाता है।

ऐसा वाक्या पहला नहीं है, इससे पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने भी सभी सरकारी विभागों के लेटर पैड (सरकारी दस्तावेज़) से भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष दीनदयाल उपाध्याय के Photo/Logo को हटाने के लिए कहा था और फोटो के स्थान पर राष्ट्रीय चिह्न इस्तेमाल करने का आदेश दिया था। ..

कांग्रेस पार्टी द्वारा बाबा साहेब भीम राव आम्बेडकर का नाम राज्य के सरकारी योजनाओं में इस्तेमाल करना एक चुनावी स्टंट है। भाजपा और कांग्रेस पार्टी दोनों पार्टियां एक ही सिक्के के दो पहलु हैं, इनको दलित की याद तभी आती ही जब चुनाव करीब आने लगते हैं।

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