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बीजेपी एजेंट ने लोगो को BJP को वोट डालने के लिए किया प्रभावित, लोगो के स्थान पर खुद ही डाले वोट

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(Image Credits: Janta Ka Reporter)

चुनाव के इस दौर में ऐसी कई खबरे सामने आ रही है जिसकी वजह से अधिकतर पार्टियों के नेताओं पर चुनाव आयोग की गाज गिर रही है। परन्तु कई ऐसे मामले है जिनमे चुनाव आयोग ने बड़े नेताओ को बक्श दिया। यहाँ तक की यह माना जाने लगा की चुनाव आयोग कांग्रेस और बीजेपी से मिली हुई है। चुनाव प्रचार से लेकर वोट डालने तक कई बड़ी बाते सामने आयी।

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EVM ख़राब होने से लेकर EVM हैक होने तक की खबरे सामने आयी है। परन्तु इस बार खबर पोलिंग बूथ से है जहाँ एक पोलिंग बूथ एजेंट को गिरफ्तार किया गया। कथित रूप से माना जा रहा है यह बीजेपी का एजेंट है।

हरियाणा की पलवल पुलिस ने रविवार को बीजेपी के एक पोलिंग एजेंट को गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वह कथित तौर पर मतदाताओं की वोटिंग प्राथमिकताओं को प्रभावित करते हुए नजर आता है।

मामला फरीदाबाद जिले के एक पोलिंग बूथ से जुड़ा हुआ है। जांच के बाद चुनाव आयोग ने इस पोलिंग बूथ पर दोबारा से 19 मई को मतदान कराने का आदेश दिया है। इसके अलावा, पोलिंग स्टेशन के प्रिसाइडिंग ऑफिसर को भी सस्पेंड कर दिया गया है।

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, घटना फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र के अंदर आने वाले असोता गांव में हुई। यहां 12 मई को मतदान हुआ था। बूथ के प्रिसाइडिंग ऑफिसर अमित अत्री ने शिकायत दर्ज कराई जिसमे कहा है की , बीजेपी के पोलिंग एजेंट गिरिराज सिंह ने ‘मतदाताओं की मदद करने का बहाना’ करते हुए तीन बार दूसरों की जगह वोटिंग बटन दबाकर वोट डालने की कोशिश की।


पलवल पुलिस ने कहा कि सिंह को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को जमानत पर छोड़ा गया। सदर पलवल पुलिस थाने के एसएचओ सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह का कहना है की, ‘हमें मामले की जानकारी रविवार दोपहर को मिली, जब हमें किसी ने वीडियो भेजा। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई और दोपहर तक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।’ असोती गांव में दुकान चलाने वाला गिरिराज ग्राम पंचायत का सदस्य है। उसने सभी आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा है कि वह तो बस वोटरों को EVM के बारे में ‘समझा’ रहा था।

वीडियो में नजर आता है कि जब कोई मतदाता अपना वोट डालने जाता है तो गिरिराज भी उनके साथ पोल बूथ के अंदर चला जाता है। 90 सेकंड के अंदर गिरिराज तीन वोटरों के साथ ऐसा करता है। जब वह तीसरी बार बूथ में घुसने की कोशिश की तो उसे बाहर बुलाने के बहाने भेजा जाता है। हालांकि, इसके बावजूद वह बूथ में फिर दाखिल होता है।

अमित अत्री ने अपनी शिकायत में लिखा हैं, ‘मैंने हर बार गिरिराज सिंह को रोका लेकिन उसने नहीं सुना। गिरिराज वोट डालने की कोशिश कर रहा था। किसी ने उसका वीडियो बना कर वायरल कर दिया। इस बीच वोटरों की भीड़ आई और इसका फायदा उठाकर गिरिराज निकलने में कामयाब हो गया।’

चुनाव आयोग ने इस मामले में अत्री के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। इसके अलावा, माइक्रो ऑब्जर्वर पर तीन साल तक चुनाव कार्यों में हिस्सा लेने का बैन लगा दिया है। उधर, न्यूज चैनल एनडीटीवी ने उन वोटरों में से एक से बातचीत की जिसकी जगह पर गिरिराज सिंह ने वोट डालने की कोशिश की।

शोभा नाम की महिला का कहना है कि गिरिराज ने उन्हें कमल का बटन दबाने के लिए कहा था। शोभा के मुताबिक, उसने किसी से शिकायत इसलिए नहीं की क्योंकि उसकी बेटी बीमार थी और उसे घर जाने की जल्दी थी।

कतिथ तौर पर वायरल वीडियो में दिखाई देता है की वह दूसरे वोटरों के वोट खुद से डालने की कोशिश की जा रही है। यह महज एक आरोप है या फिर सच में बीजेपी पोलिंग एजेंट गिरिराज लोगो के वोट खुद डलवा रहे थे।

लोगो का हक़ है की वह किसी को भी वोट दे परन्तु बीजेपी की तरफ से हो रही ऐसी हरकते यह साफ़ जाहिर होती है की हार के डर से वह कोई भी कदम उठा सकती है।

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