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बीजेपी ने चुनाव से पूर्व अपने हिसाब से EVM में की थी प्रोग्रामिंग, ममता बनर्जी का दावा

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(image credits: hindustan times)

ममता बनर्जी और बीजेपी सरकार के बीच में इन दिनों तकरार देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम के बाद से ही बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला शुर हो गया। कभी बीजेपी ने ममता बनर्जी पर बंगाल में तानाशाही शासन चलाने के आरोप लगाया। तो कभी ममता बनर्जी द्वारा बीजेपी के लोगो पर बंगाल में प्रशासन व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया।

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इन्ही आरोपों प्रत्यारोप के सिलसिले में ,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार पर एक और आरोप लगाया है। दरअसल ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए यह दावा किया की, भाजपा ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकांश ईवीएम (EVM) में पहले से ही अपने हिसाब से प्रोग्रामिंग की थी। इसके साथ साथ उन्होंने सभी विपक्षी दलों से सच सामने लाने के लिए तथ्यान्वेषी टीम बनाने का अनुरोध भी किया। ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम कांग्रेस (Congress) से इस बारे में बात कर चुके हैं. जरूरत पड़ी तो हम अदालत जाएंगे और इस चुनावी धांधली को चुनौती देंगे.’

मुख्यमंत्री ने हैरानी जताते हुए कहा की, बीजेपी के नेता चुनाव घोषित होने से पहले ही लगभग वास्तविक आंकड़ों का अनुमान कैसे लगा सकते हैं। वे कैसे कह रहे थे कि देश में उन्हें 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और बंगाल में उन्हें 23 सीटें हासिल होंगी। अंतिम परिणाम उनके आकलन के करीब ही थे। बनर्जी ने एक बांग्ला समाचार चैनल को दिये साक्षात्कार में यह दावा किया। साथ ही बनर्जी ने वाम दलों के समर्थकों से भी भाजपा में शामिल होने से बचने को कहा।

इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि, राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने भाजपा के इशारे पर ही राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर चार मुख्य दलों की बैठक बुलायी है। TMC प्रमुख ने कहा, त्रिपाठी ने उन्हें बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था। लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, राज्यपाल का नहीं।

ममता बनर्जी ने मीडिया से इस बारे कहा, ‘वे (राज्यपाल) भाजपा के प्रवक्ता की तरह हैं. भाजपा ने उन्हें सर्वदलीय बैठक कराने के लिए कहा और उन्होंने ऐसा किया. उन्होंने (त्रिपाठी) मुझे भी बुलाया था. लेकिन, मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि आप राज्यपाल हैं और मैं निर्वाचित सरकार हूं। कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है. यह आपका विषय नहीं है। ‘ उन्होंने कहा, राज्यपाल एक कप चाय या शांति बैठक के लिए लोगों को बुला सकते हैं।


साथ ही TMC प्रमुख ने कहा, ‘यही कारण है कि मैं वहां पार्टी प्रतिनिधि भेज रही हूं. वह जाएंगे और चाय पीकर आ जाएंगे.’ राजभवन में इस बैठक में तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, कांग्रेस और माकपा के प्रदेश प्रमुख शामिल होने वाले है।

चुनाव से पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत कई नेताओ ने NDA की 300 से ऊपर सीटें आने का दावा किया था। और कमाल की बात तो यह है की असल चुनाव परिणाम भी उनके दावे से मेल खाते है। अब देखने वाली बात यह है की आखिर उन्होंने ये दावा किस आधार पर किया था।

ममता बनर्जी द्वारा evm को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाना स्वभाविक लगता है। क्यूंकि जिस प्रकार चुनाव से पूर्व ही बीजेपी द्वारा चुनाव परिणाम को लेकर दावे किये गए उससे कहीं न कहीं सवाल उठना बनता है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी देश में कुछ जगहों से evm से सम्बंधित बहुत से खबरे सुनने को मिली। और इसके साथ ही कही कहीं से evm के लापता होने की भी बात कही गयी।

मौजूदा सरकार को विपक्षी पार्टियों द्वारा evm को लेकर उठाये जा रहे सभी सवालों के जवाब दे देने चाहिए। जिससे की सभी पार्टियों के शक का दूर हो सके। इतना ही नहीं सरकार के साथ साथ चुनाव आयोग को भी इन सवालों पर अपना रुख सामने रखना चाहिए। ताकि सारी चीजें खुलकर सामने आ सके।

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