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बीजेपी ने गोवा में कांग्रेस नेताओं को 40 करोड़ देकर पार्टी बदलने को किया प्रभावित

(image credits: DNA India)

लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद बीजेपी विपक्षी पार्टियों के विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए लगातार कोशिशे कर रही है। लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 40 नेताओ से सम्पर्क होने के बात कही थी। चुनाव जीतने के बाद से ही बंगाल में बीजेपी नेता द्वारा विपक्षी पार्टी के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए प्रभावित किया गया। और इसमें उन्होंने सफलता भी हासिल की।

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इतना ही नहीं कहीं कहीं भाजपा ने दूसरे राज्यों में विपक्षी पार्टी के विधायकों को खरीदने की भी कोशिश की। अभी हाल में बीजेपी नेता पर बसपा की एक महिला नेता ने आरोप लगाया था की बीजेपी ने उन्हें 60 करोड़ और मंत्रिपद का लालच देकर अपने पार्टी में शामिल होने को कहा था। कुछ इसी तरह एक बार फिर बीजेपी द्वारा विपक्षी पार्टियों के नेताओं को खरीदने की बात सामने आ रही है।

दरअसल इस बार गोवा से कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी द्वारा उन्हें 40 करोड़ देकर पाला बदलने की बात कही है। हालांकि बीजेपी ने इसे सिरे से ख़ारिज कर दिया है। गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुख गिरीश चोडणकर ने दावा किया कि, उनकी पार्टी के विधायकों को पाला बदलने के लिए 40 करोड़ रूपये और राज्य संचालित निगम की अध्यक्षता सहित विभिन्न पैकेज की पेशकश की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने इसका पलटवार करते हुए कहा की, विपक्षी पार्टी अपने विधायकों को एकजुट रख पाने में नाकाम हो रही है और झूठे आरोप लगा रही है। वहीं, कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि उनके विधायक भाजपा के किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया की, भाजपा एटीएम जैसे कसीनो और राज्य संचालित गोवा राज्य बुनियादी ढांचा विकास निगम में भ्रष्टाचार कर पैसे हासिल कर रही है। चोडणकर ने कहा कि उनकी पार्टी सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ कोशिश कर रही है। और इस बात को लेकर वो आश्वस्त है कि विधायक लालच को नकारकर एकजुट रहेंगे।

आपको बता दे की गोवा बीजेपी इकाई के प्रमुख विनय तेंदुलकर ने कहा था कि कांग्रेस के चार विधायक पाला बदलने को तैयार हैं। उनके इसी बयान के मद्देनजर चोडणकर ने बीजेपी को लेकर यह टिप्पणी की। जब उनसे संपर्क करके इस बारे पुछा गया तो, उन्होंने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा, ये सभी आरोप झूठे है।


बीजेपी नेताओं द्वारा मंत्रिपद का लालच देकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल होने के लिए मनाना गलत है। बीजेपी को यह सोचना चाहिए उनके अनुसार देश की जनता ने उन्हें इतना बड़ा बहुमत देकर नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से प्रधानमंत्री के लिए चुना है। बीजेपी को अब यह समझ लेना चाहिए की अगर उन्होंने देश की जनता से किये हुए वादों को पूरा नहीं किया तो, जो हाल आज कांग्रेस का वही हाल उनका भी हो सकता है।

लगता है की एक बार फिर से सत्ता में आने के बाद बीजेपी के कुछ नेताओं में कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास आ गया है। जिसके कारण वह इस प्रकार की हरकते करने में लगे है। उन्हें लगता है की वो कुछ भी करे तो जनता उसे अनदेखा कर देगी, परन्तु ऐसा नहीं है। समय आने पर देश की जनता अपने मत के जरिये एक बड़ा निर्णय भी ले सकती है।

आखिर क्यों बीजेपी चुनाव जीतने के बाद भी विपक्षी नेताओं को अपने पाले में करने में लगी है। बीजेपी का ऐसा करने के पीछे क्या कारण हो सकते है। कहीं ऐसा तो नहीं की बीजेपी ऐसा करके विपक्ष को कमजोर करना चाहती है। खैर इसके पीछे कोई भी कारण हो , लेकिन इतना तो पक्का है की बीजेपी यह कोशिश जरूर करेगी की ज्यादा ज्यादा राज्यों में उनकी ही पार्टी का राज हो।

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