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टिकट न मिलने पर भड़के बीजेपी सांसद ने पार्टी को दी धमकी

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(Image Credits: Dainik Bhaskar)

लगता है बीजेपी सरकार चुनाव से पहले ही हारती नजर आ रही है। पार्टी में बगावत के कारण लोग इस प्रकार अलग हो रहे है मानो किसी पेड़ से सारे पत्ते गिर रहे हो। बीजेपी की पार्टी में टिकट की मारामारी इस समय बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

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टिकट न मिलने से कोई बगावत पर उतर रहा है तो कोई निर्दलीय खड़ा रहा हो रहा है। भाजपा सरकार में इस समय माहौल इस प्रकार बना है की वह चुनाव से पहले ही बैकफूट पर आती नजर आ रही है।

चुनावों को लेकर नामो का चयन करना काफी मुश्किल हो गया है। पार्टियों में लोग अपने ही नामो को आगे रख रहे है। इन्ही विवादों के चलते मदगी प्रदेश में भी एक सांसद ने बीजेपी से अलग होने की धमकी दे दी है। मध्य प्रदेश के शहडोल से सांसद ज्ञान सिंह ने बीजेपी को चेतावनी दी है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट न देने के फैसले पर दोबारा नहीं सोचती है तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर जाएंगे।

उन्होंने यह दलील दी है कि नोटबंदी के बाद हुए उप चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी। बता दें कि शहडोल लोकसभा सीट पर उप चुनाव नोटबंदी के 11 दिन बाद 19 नवंबर 2016 को हुए थे। इस वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस प्रत्याशी हिमाद्री सिंह को 60 हजार से ज्यादा वोटों से शिकस्त दी थी। इस साल 20 मार्च को हिमाद्री ने बीजेपी जॉइन कर ली थी। बीजेपी द्वारा 23 मार्च को जारी की गई प्रत्याशियों की पहली लिस्ट में हिमाद्री का नाम है।

ज्ञान सिंह पार्टी के इस फैसले से बेहद नाराज हैं और उन्होंने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलने की धमकी दी है। सिंह का कहना है कि वह हिमाद्री को चार पूर्व बीजेपी विधायकों की मदद से हराने के लिए काम करेंगे। ज्ञान सिंह के मुताबिक, दो वर्तमान बीजेपी विधायक भी इस काम में उनकी मदद करेंगे, परन्तु उन्होंने दोनों के नामो का खुलासा करने से मना कर दिया है।


ज्ञान सिंह ने कहा, ‘मैं नोटबंदी के बावजूद जीता। मैं उस प्रत्याशी के लिए कैसे वोट मांग सकता हूं, जिसे मैंने दो साल पहले हराया था।’ पार्टी के टिकट न देने के फैसले से ज्ञान सिंह काफी नाराज है और उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी का व्यवसायीकरण हो गया है। उन्होंने इसे ‘पैसा फेंको, तमाशा देखो’ का मामला बताया। हालांकि, उन्होंने इस बारे में खुल कर कुछ नहीं कहा।

सिंह शिवराज सरकार में अनुसूचित जाति/जनजाति के मंत्री शामिल थे, जब पार्टी ने उन्हें उप चुनाव में उतरने का आदेश दिया। सिंह ने कहा, ‘मैं आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखता हूं और मेरे पास धनबल, बाहुबल और छलबल नहीं है।’ बता दें कि हिमाद्री पूर्व केंद्रीय मंत्री दलबीर सिंह की बेटी हैं। पिछले कुछ दिनों से वह सिंह को मनाने में जुटी हैं, लेकिन कामयाबी नहीं हो पायी है।

वहीं, सिंह ने कहा, ‘अगर वह मेरे दरवाजे पर भी आ जाती हैं तो मैं उनसे दोबारा मिलने से इनकार कर दूंगा। मैंने उनके खिलाफ बोला है…अब मैं उनसे क्यों मुलाकात करूं।’ उधर, बीजेपी प्रवक्ता लोकेंद्र पराशर का कहना है की, ‘अगर वह वैसा ही करते हैं जैसा कि वह धमकी दे रहे हैं तो पार्टी के पास इससे निपटने का तरीका है।’

ये माहौल देख कर ऐसा ही लगता है की बीजेपी अपने ही लोगो से लड़ रही है। टिकट की मारामारी ने अब यह तो साफ़ कर दिया है की अगर बीजेपी चुनाव में हारती है तो वह अपने ही लोगो की वजह से हारेगी। झूठो की और सूट बुत की सरकार कहलाने वाली भाजपा सरकार अब अपने ही लोगो की बगावत से जूझ रही है।

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