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भाजपा की मोदी सरकार रोजगार देने में कांग्रेस की मनमोहन सरकार से बहुत पीछे, सिर्फ कॉर्पोरेट सेक्टर में हुई बढ़ोतरी

Manmohan Singh And Narendra Modi
(Image Credits: Webdunia)

2019 में लोकसभा चुनाव आने वाले हैं और अब केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में किये गए कामकाज का विश्लेषण किया जा रह है। विपक्षी राजनीतिक पार्टियां केंद्र सरकार को जिन विषयों पर घेरना चाहती है उसमे से बेरोजगारी का मुद्दा प्रथम स्थान पर है।

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दरअसल विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है की मोदी सरकार चुनाव से पहले किये गए वादे के मुताबिक अपने कार्यकाल में रोजगार देने में नाकामयाब रही है।  लाइव मिंट के रिपोर्ट में  भी इस बात की पुष्टि की गई है की मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान रोजगार देने के मामले में पिछली कांग्रेस सरकार से पीछे है।

मिंट ने यह रिपोर्ट सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के ProwessIQ डाटाबेस का अध्ययन करके एक रिपोर्ट तैयार की है। इस डाटाबेस में विभिन्न कंपनियों द्वारा दी गई वार्षिक रिपोर्ट्स हैं, जिनके आधार पर यह पता चला है कि बीजेपी सरकार रोजगार देने के मामले में कांग्रेस की मनमोहन सरकार से बहुत पीछे है।

मिंट की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है की पिछले 2 वर्षो में रोजगार देने के मामले में थोड़ा सुधार किया गया है। वर्ष 2015-16 में  जहां मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान रोजगार देने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। लेकिन पिछले वर्ष 2017 में रोजगार के मामले में 4% की बढ़ोतरी आई है, परन्तु साल 2018 में यह घटकर 3 % पर आ गया है।

इस तरह अगर बीजेपी की सरकार के कुल 4 सालों को देखा जाये तो यह औसत प्रगति सिर्फ 1.9% की हुई है। वहीं अगर कांग्रेस की मनमोहन सरकार को देखते हैं तो वर्ष 2006 से 2009 तक औसत जॉब में 3.5% बढ़ोतरी थी।  वर्ष 2010 से 2014 के कांग्रेस में भी औसत जॉब ग्रोथ 2.6% रही, जो की मौजूदा मोदी सरकार से काफी बढ़िया हैं।


रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यम वर्ग की कंपनियों में जॉब की ग्रोथ में कमी दिखाई देती है। मोदी सरकार में मजदूरी के वृद्धि में काफी कमी देखी जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2006-2009 के दौरान जहां देश में वृद्धि 21% रही वहीं पिछले 4 वर्षों में यह वृद्वि घटकर 8% पर आ गई।

विभिन्न जॉब सेक्टर्स की बात करते हैं तो मैन्युफैक्चरिंग में पिछले एक दशक के दौरान उछाल देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर माइनिंग क्षेत्र में भारी गिरावट आयी है। विनिर्माण के फील्ड में ग्रोथ  देखी गई है, लकिन सेवा क्षेत्र में कुछ खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई। इन आकड़ों के अनुसार कहा जा सकता है की मोदी सरकार के पिछले कुछ वर्षों में कॉर्पोरेट सेक्टर में ग्रोथ हुई है।

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