fbpx
ट्रेंडिंग  
ट्रेंडिंग  
राजनीति

भाजपा का नया सियासी खेल शुरू, मुस्लिम महिलाओं को संगठन से जोड़ने की कोशिश

BJP's-new-political-game-started,-efforts-to-connect-Muslim-women-to-organization
(image credits: Zee News)

मुस्लिमों की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार और देश के पीएम मोदी पर कई तरह के सवाल उठाये जा रहे है। दूसरी ओर अल्पसंख्यकों के लिए मुसीबतो का पहाड़ बढ़ता ही जा रहा है। बीजेपी नेताओ की तरफ से कभी मस्जिदों को लेकर विवादित बयान सामने आता है तो कभी लोगो द्वारा मुस्लिम लोगो से जबरन जय श्री राम के नारे लगवाए जाते है।

Advertisement

इन सभी घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से कोई करवाई नहीं की जाती। वहीँ AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी कुछ दिनों पहले मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा था की बीजेपी सरकार लोगो के दिल और दिमाग में मुस्लिमो के खिलाफ नफरत भर रही है।

इन्ही सब बातो को ध्यान में रखते हुए बीजेपी एक नया खेल खेलने जा रही है जिससे वह मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को संगठन से जोड़ सके। समाचार ऑनलाईन – लोकसभा चुनाव में सफलता के बाद भाजपा अब सदस्यता अभियान में जुटने जा रही है। इसे लेकर उसने अब मुस्लिम महिलाओं की ओर खासतौर से ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बनाई है। भाजपा ने बाकायदा चुने हुए विषयों को लेकर मुस्लिमों के बीच जाने का फैसला किया है।

इसके जरिए बीजेपी सरकार प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं को भरोसा दिलाने की कोशिश करेगी कि वह उनकी हितचिंतक है। परन्तु देश में अल्संखयको के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से यही लगता है की बीजेपी सिर्फ राजनीति कर रही है। सदस्यता अभियान को लेकर तीन दिन पहले हुई बैठक में अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं को अधिक से अधिक संख्या में भाजपा से जोड़ने के प्रस्ताव पर सहमति बनी है।

इस रणनीति को लेकर भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद ने इस बारे में कहा, “भाजपा मुस्लिमों के लिए कभी अछूत नहीं रही है। हमने इस समाज के लोगों को पार्टी से जोड़ा है। बड़ी संख्या में खुद लोग अब हमसे जुड़ रहे हैं। और भी लोगों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है।”


चांद ने IANS को बताया की, “तीन तलाक मुद्दा मुस्लिम महिलाओं को भाजपा के करीब लाने में काफी मददगार साबित हुआ। अन्य राज्यों में भी भाजपा मुसलमानों को प्रत्याशी बना चुकी है। इससे इस वर्ग को विश्वास हो गया है। भाजपा उनके भविष्य की चिंता कर रही है। लिहाजा हम सदस्यता अभियान के दौरान अपना मुख्य फोकस अल्पसंख्यक, विशेष कर मुस्लिम महिला वर्ग पर रखना चाहते हैं।”

बीजेपी सरकार पूरी कोशिश कर रही है की वह मुस्लिम महिलाओं को अपनी और आकर्षित करे। देश में हो रही घटनाओ को मद्दे नजर रखते हुए भाजपा एक बार फिर यह साबित करने की कोशिश में है की वह हमेशा से मुस्लिमो की हितेषी रही है परन्तु सभी जनता जानती है की बीजेपी हिंदूवादी पार्टी है।

चांद का कहना है की , “हमने एक जिले में 10 हजार मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। पूरे प्रदेश में लगभग पांच लाख मुस्लिम महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यह अभियान छह जुलाई से चलाया जाना है। मेरे नेतृत्व में एक लाख 35 हजार नये सदस्य बने थे, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं।”

अवध क्षेत्र की मीडिया प्रभारी रुखशाना नकवी ने IANS से कहा, “मेरे पास 16 जिलों का प्रभार है। लगभग हर जिले से एक हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुस्लिम महिलाएं बहुत ज्यादा प्रताड़ित हैं। इनकी खबर किसी दल ने नहीं ली है। सभी सिर्फ वोट बैंक के लालच में अपने को मुस्लिम हितैषी बताने में जुटे हैं। इस बार खासकर भाजपा सरकार इस मौके का फायदा उठा कर मुस्लिम महिलाओ के बिच अपनी जगह बना कर वोट बैंक अपनी तरफ खींचने की कोशिश में है।

मोदी सरकार यूँ तो अल्पसंख्यकों पर ध्यान नहीं देती परन्तु आने वाले चुनाव को नजर में रखते हुए अब सरकार महिलाओं को अपने साथ जोड़ रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा फायदा हो सके और चुनाव में जीत मिल सके।

अल्पसंख्यक मोर्चा की रशीदा बेगम ने कहा, “हाल के दिनों में मदरसा बोर्ड में नाजनीन अंसारी को सदस्य, सौफिया अहमद को अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य एवं आसिफा जमानी को उर्दू एकेडमी का चेयरमैन बनाए जाने समेत मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी सरकार में बढ़ाने से उनका झुकाव तेजी से पार्टी की तरफ हो रहा है। पहली बार कोई सरकार मुस्लिम महिलाओं के हक की बात कर रही है।”

ज्यादातर पार्टियों ने मुस्लिम समुदाय और उनकी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और उन पार्टी में बीजेपी सरकार भी शामिल है। परन्तु अब भाजपा इस मौके का फायदा उठा कर महिलाओं को लुभा रही है। क्या सच में भाजपा मुस्लिम महिलाओं के लिए फिकरमंद है या फिर एक और नहीं राजनीति है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

To Top

© copyright reserved National Dastak. All right reserved