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बसपा सुप्रीमों मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की जाहिर की इच्छा

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(Image Credits: Catch news)

लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद देश का प्रधानमंत्री कौन होगा यह तो सत्ता में किसकी पार्टी सरकार बनाएगी उसके बाद ही पता चल पाएगा। लगभग सभी पार्टियों द्वारा प्रधानमंत्री का उम्मीदवार तय कर लिया गया है। कांग्रेस और बीजेपी से प्रधानमंत्री का चेहरा कौन होगा यह देश भलि भाति जानता है। परन्तु माना जा रहा है की देश में प्रधानमंत्री के दो चेहरों के आलावा तीसरा चेहरा भी सामने आया है। हम बात करने जा रहे है बसपा सुप्रीमो मायावती की।

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दरअसल बीते बुधवार 3 अप्रैल को बसपा सुप्रीमों मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने विशाखापत्तनम में एक कार्यक्रम के दौरान संकेत देते हुए कहा की अगर अवसर मिलता है तो वह केंद्र में सबसे बढ़िया सरकार देने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में मिले अनुभव का प्रयोग करेंगी। इसके साथ साथ मायावती ने कहा वो चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। एक सवांददाता सम्मेलन में उन्होंने अपने विचार जाहिर करते हुए कहा, ‘‘मुझे बहुत अधिक अनुभव है. मैं इस तजुर्बे का इस्तेमाल केंद्र में और लोगों के कल्याण के लिए करूंगी.”

बसपा प्रमुख ने आगे कहा, अगर केंद्र में हमेंअवसर मिलता है, हम उत्तर प्रदेश के तरीके को अपनायेंगे और सभी दृष्टिकोणों से सबसे बढ़िया सरकार देंगें, जो कि सभी स्तरों पर एक अच्छी सरकार होगी। जब उनसे उनके प्रधानमंत्री बनने के बारे में पुछा गया तो, उन्होंने कहा चीजें तब स्पष्ट होंगी जब 23 मई को आम चुनावों के परिणाम आ जायेंगे। बसपा सुप्रीमो के इस प्रकार जवाब देने से यह पता चलता है की, वह कुछ बड़ा करने की सोच में है।

बता दें की बसपा, आंध्रप्रदेश में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव में जन सेना, माकपा और भाकपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है। बसपा राज्य की 25 लोकसभा सीटों में से तीन एवं विधानसभा की 175 सीटों में से 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण भी इस अवसर पर मौजूद थे। बसपा प्रमुख ने कहा, लोग राष्ट्रीय स्तर पर ‘बदलाव चाहते’ है। उन्होंने बताया कि 2014 में पिछले लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टी वोट शेयर के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बाद तीसरे स्थान पर थी। जब उनसे पूछा गया क्या तीसरे मोर्चे की जररूत है, तब जवाब में उन्होंने कहा यह तो चुनाव परिणाम के बाद स्पष्ट हो जायेगा।

मायावती ने आशा व्यक्त करते हुए कहा, आंध्रप्रदेश में हुआ उनका गठबंधन राज्य में सरकार बनायेगा और पवन कल्याण उसके मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, भाजपा नीत राजग केंद्र में सत्ता में नहीं लौटे सकेगी क्योंकि नाटकबाजी और जुमलेबाजी आम चुनाव में काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और कंपनी सत्ता में नहीं लौट रही है.” मायावती ने जन सेना की अगुवाई में बसपा, भाकपा और माकपा के गठबंधन की एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘इनका जुमला नहीं चलेगा. चौकीदारी की नयी नाटकबाजी भी इनको नहीं बचा पायेगी.”


भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा उन्होंने कहा, भाजपा बदहवासी में राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रवादी उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रही है। लेकिन यह सफल नहीं हो पाएगा। इसके साथ बसपा सुप्रीमो ने कहा, नरेंद्र मोदी की हार की मुख्य वजह 2014 के चुनाव से पहले किये गये वादों को पूरा करने की उनकी विफलता होगी।

मायावती ने मौजूदा सरकार पर देश की सुरक्षा को सुनिश्चित न कर पाने को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश की सीमाएं भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख पायीं जिसकी वजह से आतंकवादी हमले होते रहे और कई जिंदगियां चली गयीं। बता दें की बसपा जनसेना के साथ चुनावी गठबंधन के तहत आंध्रप्रदेश में तीन लोकसभा सीटों और 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

बसपा प्रमुख मायावती के इन सभी बातो से यह प्रतीत होता है की, उन्होंने इस चुनाव में विपक्षी पार्टियों से लड़ने के लिए कुछ बड़ी नीतियाँ बना रखी है। उन्होंने अभी कुछ भी साफ साफ कहने से इंकार कर दिया है। उन्होंने ज्यादातर अपने जवाब में ये कहा की सारे सवालों का जवाब चुनाव परिणाम के बाद पता चल जाएगा। इसके साथ साथ उन्होंने यह भी कहा था की 2014 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी वोट शेयर के मामले में तीसरे स्थान पर रही थी। इन सभी बातो से यह लगता है की बसपा प्रमुख ने इस लोकसभा चुनाव में अपने प्रतिद्वंदियों को पूरी टक्कर देने की ठान ली है।

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