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बीजेपी पर कंग्रेस का हमला- कहा, हनुमान जी को मत छेड़ो, उनके वार से तीन राज्य तो चले गए, अभी भी नहीं समझे तो कभी नहीं समझोगे।

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(Image Credits: journalistcafe)

हनुमान जी की जाति बताने पर हो रही सियासी लड़ाई के बीच कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख राज बब्‍बर का कहना है कि, ‘बीजेपी वालों को ये समझ लेना चाहिए कि देखो ज्‍यादा मत छेड़ो हनुमान जी को, उनकी पूंछ के वार से तीन प्रदेश तो चले गए हैं, अब तुम्‍हारी लंका में आग लगने वाली है।

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इससे पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी बीजेपी पर भड़कते हुए हमला बोला था। दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर हमला करते हुए यह कहा था कि ‘हिन्दू देवता पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य भाजपा नेताओं के साथ-साथ आरएसएस और अखाड़ा परिषद जैसे संगठनों को कोई भी संबंध नहीं रखना चाहिये। इन नेताओं का सार्वजनिक रूप से तिरस्कार किया जाना चाहिये।

दिग्विजय सिंह ने कहा था, ‘हनुमानजी को लेकर अनर्गल बहस की शुरुआत उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंग बली को दलित कहकर की थी। इसके बाद भाजपा के अन्य नेताओं ने बजरंग बली की जाति को  मुसलमान और जाट भी बता दिया। 71 वर्षीय राज्यसभा सांसद का कहना है की , ‘हम हनुमानजी को भगवान शंकर का अवतार मानते हैं, लेकिन भाजपा नेता हनुमानजी को भी जाति-धर्म के मामले में घसीट रहे हैं।  आखिर ये नेता किस धर्म का पालन कर रहे हैं?’ दिग्विजय सिंह ने मांग की थी कि योगी और अन्य भाजपा नेताओं को भगवान हनुमान पर अपने आपत्तिजनक बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिये. इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और अखाड़ा परिषद जैसे संगठनों को इन नेताओं का सार्वजनिक रूप से बहिष्कार व तिरस्कार करना चाहिए।

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान राजस्थान के अलवर में एक रैली के दौरान हनुमान जी को दलित बता दिया था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हनुमान जी दलित और वंचित हैं। राजस्थान के अलवर में आदित्यनाथ ने कहा कि ‘बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वंय वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं. भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक पुरब से पश्चिम तक सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं।

अभी यह विवाद थमा नहीं था की इसी बीच हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के विधायक बुक्कल नवाब ने हनुमान जी को मुसलमान बता दिया। बुक्कल नवाब ने कहा था कि हनुमान जी मुसलमान थे, इसलिए मुसलमानों में जो नाम रखे जाते हैं – रहमान, रमज़ान, फरमान, ज़ीशान, कुर्बान – जितने भी नाम रखे जाते है, वे करीब-करीब उन्हीं पर रखे जाते हैं। ‘ बुक्कल नवाब का कहना है कि करीब 100 नाम ऐसे हैं, जो हनुमानजी पर ही आधारित हैं।  हिंदू भाई हनुमान जी नाम रख लेंगें, लेकिन सुल्तान नहीं मिलेगा, अरमान, रहमान, रमजान नहीं रख सकते।


इन विवादों के बीच उत्तर प्रदेश के ही एक जिले में जहां दलित समुदाय द्वारा बजरंगबली के एक मंदिर पर कब्जे की खबर सामने आई, तो अब पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हनुमान जी का जाति प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। बाकायदा इसके लिए आवेदन किया गया है।

जिला मुख्यालय पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के सभी लोग इकट्ठा होकर बजरंगबली के जाति प्रमाण पत्र की मांग की है। इसके लिये कार्यकर्ताओं ने बाकायदा जाति प्रमाण पत्र प्राप्त का आवेदन फॉर्म भरा।  रोचक बात यह है कि कार्यकर्ताओं ने आवेदन फॉर्म में वांछित जानकारी भी भरी है। जैसे, बजरंगबली के पिता का नाम महाराज केशरी, जाति में वनवासी आदि भरा हुआ है।

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