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लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला, कोर कमेटी को किया भंग साथ ही बुलाई अनौपचारिक बैठक

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(image credits: dawn)

लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कुछ पार्टियां अपनी गलतियों पर विचार कर रही है। वहीँ कुछ पार्टियां हार मिलने के बाद अपनी पार्टी में बड़े स्तर के बदलाव करने के बारे में भी सोच रही है। हम बात कर रहे कॉंग्रेस पार्टी की, जिसे इस लोकसभा चुनाव में सिर्फ 52 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने चुनाव परिणाम आने के बाद अपनी पार्टी के प्रदर्शन को देखकर अपने पद से इस्तीफे की भी बात कही थी। परन्तु उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया।

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वहीँ कुछ दिनों बाद अब कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के नतीजों को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल कांग्रेस ने पार्टी के कोर कमेटी को भंग कर दिया है। पार्टी प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा, पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल जल्द ही राज्य प्रभारियों की एक बैठक बुलाएंगे। जिसमे पार्टी के अगली रणनीति की चर्चा की जाएगी।

आपको बता दें कि कांग्रेस ने आगामी संसद सत्र के लिए रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार को एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक के बाद पार्टी की कोर कमेटी भंग कर दी गई। हालांकि दूसरी तरफ, राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगाते हुए कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि, राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष थे, और आगे भी बने रहेंगे।

सुरजेवाला ने यह टिप्पणी पूर्व केंद्रीय मंत्री ए के एंटनी के मार्गदर्शन में हुई पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अनौपचारिक बैठक के बाद किया। पार्टी के इस बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, हालांकि राहुल गांधी इसमें शामिल नहीं हुए। जब रणदीप सुरजेवाला से राहुल गाँधी के इस्तीफे के बारे में पुछा गया तो, उन्होंने सवांददाताओ से कहा, ‘राहुल जी अध्यक्ष थे, हैं और रहेंगे. हममें से किसी को इस पर कोई संदेह नहीं है’ जब उनसे राहुल गाँधी के विकल्प तलाशे जाने की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा, ‘इस सवाल का कोई मतलब नहीं है’.

पार्टी के वरिष्ठ नेता एक एंटिनी के मार्गदर्शन में 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित पार्टी के वार रूम में बैठक हुई। बैठक में अहमद पटेल, पी चिदबंरम, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा और सुरजेवाला शामिल हुए। बता दें की ये सभी नेता लोकसभा चुनाव के लिए गठित पार्टी के कोर ग्रुaप में शामिल थे।


कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला इस बैठक के बारे में कहा , इस अनौपचारिक बैठक में महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। लोकसभा और राज्यसभा को लेकर पार्टी के नेताओं के चयन से जुड़े सवालों पर सुरजेवाला ने कहा, मैंने पहले भी कहा था और फिर कह रहा हूं कि पार्टी के संविधान के तहत संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी जी दोनों सदनों में नेताओं के चयन के लिए अधिकृत हैं. वह इस बारे में फैसला करेंगी’.

चुनाव में मिली इस कदर हार के बाद कांग्रेस द्वारा बड़े फैसला लेना स्वभाविक है, और ऐसे फैसले लेने की जरूरत भीं है। कांग्रेस के साथ साथ बाकी विपक्षी पार्टियों को भी अपने परिणाम को देखते हुए कुछ अहम फैसले लेना चाहिए। और अगर पार्टियों द्वारा ऐसा नहीं किया गया तो यह मौजूदा सरकार के लिए फायदा साबित हो सकता है।

लोकतंत्र में एक मजबूत विपक्ष का होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। देश में अगर मजबूत विपक्षी दलों की अनुपस्तिथि होगी तो, मौजूदा सरकार के गलत फैसलों का विरोध करना मुश्किल होगा। जो की एक मजबूत लोकतंत्र प्रणाली के लिए प्रतिकूल भी शाबित हो सकता है।

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