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2019 के चुनाव में दलितों एवं आदिवासी की होगी निर्णायक भूमिका: अठावले

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(Image Credits: Dainik Bhaskar)

2019 में आने वाले लोकसभा चुनाव में दलितों और आदिवासी की निर्णायक भूमिका होने वाली है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले ने कहा कि आदिवासी एवं दलित भारत की मूल संस्कृति है। उनके अधिकारों एवं अस्तित्व की रक्षा के लिए केंद्र सरकार अपना हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

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गणि राजेन्द्र विजयजी की दिल्ली से गुजरात तक की पद यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए श्री अठावले ने कहा, गणि जी ने देश के आदिवासी एवं दलित समुदाय के समग्र विकास के लिए व्यापक प्रयत्न किए हैं। उनके द्वारा आदिवासी क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहते है कि संत शक्ति और आदिवासी शक्ति मिलकर ही आदिवासी एवं दलित के जीवन को सम्पन्न बना पाएंगे।

हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी एक नया भारत निर्माण करने की ओर बढ़ चले हैं। निश्चित ही इस नए भारत में आदिवासी व दलित समाज को सम्मान और गौरव प्राप्त हो सकेगा, ऐसा हमें विश्वास है।

इस मौके पर गणि राजेन्द्र विजयजी ने आदिवासी राठवा जनजाति को कोली मानने की सरकारी भूल का निवारण करने के लिए श्री अठावले जी को ज्ञापन दिया। इस अवसर पर सुखी परिवार फाउंडेशन के सयोंजक श्री ललित गर्ग ने जनवरी-2019 में आयोजित किय गए आदिवासी महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित किया जिसे श्री अठावले ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

इस अवसर पर प्रख्यात जैन संत गणि राजेन्द्र विजयजी ने कहा कि यदि भारत को शक्तिशाली और समृद्ध बनाना है तो दलित एवं आदिवासी के जननीवन को राष्ट्र की मूलधारा में लाना होगा।


विकास की मौजूदा अवधारणा इसलिए विसंगतिपूर्ण है क्योंकि उसमें आदिवासी जनजीवन की उपेक्षा एवं उनके अधिकारों की अवहेलना की गयी है। एक संतुलित समाज की रचना करने के लिए आज आदिवासी जनजीवन को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। आदिवासी और दलित समाज की अवहेलना के कारण हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का राजनीति गणित लड़खड़ाया था।

2019 में आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए आदिवासी एवं दलित समाज की योजनाओं पर प्राथमिकता से ध्यान देने की जरूरत है। यह तो ज्ञात ही है कि गुजरात के आदिवासी जनजाति से जुड़े राठवा समुदाय में उनको आदिवासी न मानने को लेकर गहरा आक्रोश है।

वहीं राठवा समुदाय से जुड़े आदिवासी जनजाति का गुजरात की वर्तमान एवं पूर्व सरकारों से असंवैधानिक एवं गलत आधार पर गैर-आदिवासी को आदिवासी सूची में शामिल करने और उन्हें लाभ पहुंचाने की नीतियों के प्रति विरोध हैं।

इन परिस्थितियों पर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए गणि राजेन्द्र विजयजी के नेतृत्व में छोटा उदयपुर संसदीय क्षेत्र में आंदोलन किया जायगा। इसके लिए वह पदयात्रा करते हुए वहां पहुंच रहे हैं।

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